
नई दिल्ली : श्रावण मास का आज आखिरी दिन है. वैसे तो श्रावण मास में पूरे महीने शिवजी की आराधना करने से पुण्य फल मिलता है, परन्तु आज यानी आखिरी सोमवार को भगवान भोलेनाथ जी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्त्व होता है.
सावन के आखिरी सोमवार को भगवान भोलेनाथ के भक्त व्रत रखते हैं और विधि पूर्वक पूजा करते हैं। सावन सोमवार के दिन सुबह से मंदिरों में शिव भक्तों की भीड़ लगी रहती है। इस दिन जलाभिषेक का विशेष महत्व होता है। शिव पुराण में सावन सोमवार के महत्व का वर्णन मिलता है।
शिव पुराण के अनुसार इस दिन जो भी भक्त पूरी श्रद्धा से भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करेगा उसकी सभी इच्छा पूर्ण होगी। इसके अलावा सावन के आखिरी सोमवार पर व्रत रखने के साथ शिव जी को प्रसन्न करने के लिए भक्त कुछ विशेष मंत्रों का जाप कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन भगवान भोलेनाथ के मंत्रों के बारे में…
पूजा का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन माह का अंतिम सोमवार काफी खास है। इस दिन रवि योग बन रहा है। इस दिन रवि योग 8 अगस्त को सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगा और दोपहर 2 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। रवि योग में पूजा करना बेहद शुभ फलदायी होता है।
निरोगी जीवन के लिए मंत्र
हर मनुष्य की कामना रहती है कि वह सदैव निरोगी रहे। ऐसे में यदि आप भी निरोगी जीवन जीना चाहते हैं तो सावन के आखिरी सोमवार पर इस मंत्र का जाप जरूर करें।
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्उ
र्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।।
सुख समृद्धि के लिए मंत्र
सावन माह के आखिरी सोमवार पर भगवान शिव को प्रसन्न करने और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए शिव जी के इस मंत्र का जाप 101 बार करना चाहिए।
ॐ साम्ब सदाशिवाय नम:।।
ऐश्वर्य और यश की प्राप्ति के लिए मंत्र
जीवन में ऐश्वर्य और यश की प्राप्ति के लिए सावन के आखिरी सोमवार पर भगवान भोलेनाथ का ध्यान करना चाहिए। साथ ही ”ॐ ऐं नम: शिवाय” मंत्र का जाप करना चाहिए।
ये मंत्र जाप 101 बार कर सकते हैं।