नई दिल्ली:– श्रावण मास के पावन तृतीय सोमवार पर धर्म और आस्था की नगरी काशी में भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा धाम क्षेत्र हर-हर महादेव और बाबा विश्वनाथ की जय के जयघोष से गूंज उठा।
कांवड़ियों और श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पवर्षा
तृतीय सोमवार के अवसर पर भगवान श्री विश्वेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का धाम परिसर में पुष्पवर्षा कर भव्य एवं भावपूर्ण स्वागत किया गया। जैसे ही श्रद्धालुओं पर पुष्पों की वर्षा हुई, पूरा वातावरण शिवभक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा। कांवड़िए भी बाबा के जयकारे लगाते हुए आस्था के साथ आगे बढ़ते नजर आए।
बाबा के दर्शन के लिए लगी लंबी कतारे
श्रावण सोमवार को लेकर सुबह से ही काशी विश्वनाथ धाम की ओर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता रहा। हाथों में गंगाजल और कंधों पर कांवड़ लिए शिवभक्त बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचते रहे। श्रद्धालुओं की लंबी कतारों में भी उत्साह और भक्ति का भाव साफ नजर आया।
धाम परिसर में ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘बाबा विश्वनाथ की जय’ के जयघोष लगातार गूंजते रहे। पुष्पवर्षा ने श्रद्धालुओं के स्वागत को और भी भव्य बना दिया। काशी विश्वनाथ धाम का पूरा वातावरण मानो शिवमय हो गया।
तृतीय सोमवार पर उमड़े आस्था के इस जनसैलाब ने एक बार फिर काशी की सनातन परंपरा, शिवभक्ति और धार्मिक आस्था की भव्य तस्वीर पेश की। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
