
पेट्रोल-डीजल की कीमत में बड़ी गिरावट के असार नजर आ रहे हैं. दरअसल, आज एक बार फिर क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है, जिसके बाद ये उम्मीद जताई जा रही है कि भारत सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमत कम कर सकती है. इस गिरावट के पीछे 2 वजह मानी जा रही है- 1. अमेरिका में गैसोलाइन के स्टॉक में बढ़ोतरी और 2. ECB द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि करने की योजना पर काम करना. इसके चलते गुरुवार को तेल की कीमतों में 5 डॉलर से अधिक की गिरावट आई और इसके साथ ही लीबिया से तेल की सप्लाई वापस आने से सप्लाई की चिंता कम हो गई.
तेल की कीमत में गिरावट
आपको बता दें कि पिछले सत्र में 0.4% फिसलकर 1224 GMT से ब्रेंट क्रूड फ्यूचर 3.88 डॉलर, या 3.6% गिरकर 103.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया,जबकि बुधवार को 1.9% की गिरावट के बाद यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स $3.79 या 3.8 फीसदी नीचे गिरकर $96.09 पर था. क्रूड ऑयल के दाम गिरने के बाद अब उम्मीद है कि भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी हो सकती है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में लगातार तेल की कीमत में बढ़ोतरी हुई है, ऐसे में आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार कोई फैसला कर सकती है. लेकिन पहले सरकार तेल की कीमत में स्थिरता को देखेगी, उसके बाद ही कोई फैसला लिया जा सकता है. रॉयटर्स के मुताबिक, तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव की बड़ी वजह रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी तेल का नुकसान होना है. इसकी वजह से ट्रेडर्स को सप्लाई में कटौती करनी पड़ी है.
यूरोपीय सेंट्रल बैंक भी बढ़ाएगा दरें?
दूसरी तरफ ये खबर है कि यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) भी दूसरे केंद्रीय बैंकों की तरह दरों में बढ़ोतरी करने की प्लानिंग में है. दरअसल, यूरोपीय केंद्रीय बैंक अब आर्थिक सुस्ती की जगह बढ़ती महंगाई से उबरने की कोशिश करगा, जिससे तेल की मांग पर असर पड़ सकता है. इसे लेकर कोई बड़ा फैसला भी लिया जा सकता है