नई दिल्ली:-:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मां दंतेश्वरी बस्तर की आराध्य देवी हैं और बस्तर दशहरा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में उनका विशेष महत्व है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जगदलपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
मां दंतेश्वरी मंदिर में की पूजा-अर्चना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बस्तर दौरा धार्मिक आस्था और जनजातीय संस्कृति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद उनके निर्धारित कार्यक्रम में ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होना है। इस दौरान बस्तर की पारंपरिक व्यवस्था और जनजातीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेष ध्यान रहेगा।
मुरिया दरबार में जनजातीय प्रतिनिधियों से संवाद
राष्ट्रपति सिरहासार भवन में आयोजित ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। इस आयोजन में बस्तर की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े मांझी, चालकी और अन्य जनजातीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। मुरिया दरबार बस्तर दशहरा की विशिष्ट परंपराओं में से एक है, जहां जनजातीय समाज की परंपराओं, समस्याओं और सामुदायिक विषयों को सामने रखने का अवसर मिलता है।
लालबाग मैदान में सार्वजनिक कार्यक्रम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का लालबाग मैदान में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने और आमसभा को संबोधित करने का भी कार्यक्रम निर्धारित है। यहां बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और ऐतिहासिक विरासत की झलक प्रस्तुत की जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। मां दंतेश्वरी मंदिर, सिरहासार भवन और लालबाग मैदान सहित प्रमुख कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
राष्ट्रपति का यह दौरा बस्तर की ऐतिहासिक परंपराओं और जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
