आधार कार्ड लोगों की मूलभूत पहचान बन गई है। इससे लोगों की न सिर्फ पहचान सरल हुई है, बल्कि कई तरह के फर्जीवाड़े पर भी रोक लगी है। वहीं अब सरकार जानवरों का भी आधार कार्ड बनाने जा रही है। इसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। अब ईंसानों के साथ जानवरों की भी अपनी पहचान होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय डेयरी सम्मेलन सोमवार को इस पर चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने बताया कि भारत के डेयरी सेक्टर का जितना बड़ा स्केल है, उसे साइंस के साथ जोड़कर और विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत, डेयरी पशुओं का सबसे बड़ा डेटाबेस तैयार कर रहा है। डेयरी सेक्टर से जुड़े हर पशु की टैगिंग हो रही है। आधार कार्ड बनवाने में बायोमीट्रिक पहचान ली जाती है। मतलब कि अंगुलियों के निशान, आंखों की पुतलियां आदि को वैज्ञानिक तरीके से कैप्चर किया जाता है।
पीएम मोदी ने बताया कि अब आधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से पशुओं की बायोमीट्रिक पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस बायोमीट्रिक पहचान को पशु आधार नाम दिया गया है। पशु आधार के जरिए पशुओं की डिजिटल पहचान की जा रही है।
सरकार का कहना है कि इससे जानवरों की सेहत पर नजर रखने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही डेयरी प्रोडक्ट्स से जुड़े मार्केट को विस्तार देने में भी मदद मिलेगी।