छत्तीसगढ़:– आयुष विश्वविद्यालय के बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) परीक्षा परिणामों ने छात्रों को सकते में डाल दिया है। अगस्त में आयोजित परीक्षा के नतीजे अक्टूबर में घोषित किए गए, जिसके बाद से असंतुष्ट छात्र पुनर्मूल्यांकन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए नतीजों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
207 में से 105 छात्र फेल, सर्जरी और शालाक्य विषय बने संकट
बीएएमएस के अंतिम वर्ष की परीक्षा में 207 छात्रों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 105 को फेल घोषित कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर छात्रों को सर्जरी और शालाक्य विषय में असफल बताया गया है। छात्रों का कहना है कि मूल्यांकन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
दो जोनों में जांची गई कॉपियां, नतीजों में चौंकाने वाला अंतर
मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर जोन के कॉलेजों की कॉपियां बिलासपुर में जांची गईं, जबकि बिलासपुर जोन की उत्तरपुस्तिकाएं रायपुर भेजी गईं। नतीजों में बड़ा अंतर देखने को मिला — बिलासपुर जोन का परिणाम 100 प्रतिशत रहा, जबकि रायपुर जोन में कई टॉपर्स भी फेल घोषित किए गए।
विवि बोला – पुनर्मूल्यांकन नहीं, केवल पुनर्गणना संभव
छात्रों ने विवि प्रशासन, राज्यपाल और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि नतीजे पूरी तरह असंतुलित हैं और उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाना चाहिए। हालांकि विवि प्रबंधन का कहना है कि विश्वविद्यालय के नियमों में पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) का प्रावधान नहीं है, केवल पुनर्गणना (Re-totalling) की अनुमति है।
गोपनीय मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठे सवाल
विवि प्रशासन ने मूल्यांकन को गोपनीय बताते हुए ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया है। वहीं, छात्रों का आरोप है कि अगर जांच प्रक्रिया पारदर्शी होती तो इतनी बड़ी विसंगति संभव नहीं थी। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
