नई दिल्ली:– आम आदमी पार्टी में बहुत बड़ी बगावत हो गई है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दावा किया उनके साथ AAP के 7 सांसद हैं जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है। जब राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो उनके साथ मंच पर 6 अन्य सांसद- संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाती मालिवाल और विक्रम साहनी ने पार्टी छोड़ दी। राघव चड्ढा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी सिद्धांतों से भटक गई है और इसी वजह से दो-तिहाई सांसद में बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। इसे अरविंद केजरीवाल के लिए अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
पार्टी असल मुद्दों से भटक गई’
भाजपा में शामिल होते हुए राघव चड्ढा ने अपनी पूर्व पार्टी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ‘जिस पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा, आज उसी ने मेरी आवाज को दबाना शुरू कर दिया था। आम आदमी पार्टी अब अपने उन बुनियादी उसूलों और असल मुद्दों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए हमने आंदोलन किया था।’
राघव चड्ढा ने कहा कि ‘आप’ के लगभग दो-तिहाई राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और वे एक गुट के रूप में भाजपा में शामिल होंगे। चड्ढा ने कहा कि पार्टी की बागी नेता स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह समेत कई राज्यसभा सदस्यों ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है। चड्डा, पाठक और अशोक मित्तल ने दावा किया कि आप के दस में से सात राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ दी है।PM मोदी की जमकर की तारीफ
बीजेपी का पटका पहनते ही राघव चड्ढा के सुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पूरी तरह बदल गए। उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने बीते वर्षों में कई ऐसे साहसिक और कड़े फैसले लिए हैं, जिन्हें लेने से पहले की सरकारें हिचकिचाती थीं। उनके विजन और इच्छाशक्ति की वजह से आज देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है।’
सांसदों के टूटने से संकट में ‘आप’
राघव चड्ढा के इस बड़े कदम के बाद आम आदमी पार्टी के खेमे में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। स्वाति के साथ-साथ पूर्व भारतीय क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजेंद्र गुप्ता जैसे दिग्गज नेताओं ने भी ‘आप’ को अलविदा कहकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। एक साथ इतने बड़े चेहरों का पार्टी छोड़ना अरविंद केजरीवाल के लिए एक ऐतिहासिक और निर्णायक झटका माना जा रहा है, जिससे राज्यसभा में आम आदमी पार्टी का वजूद अब संकट में नजर आ रहा है।
केजरीवाल के करीबी थे राघव
बता दें कि राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल का बेहद करीबी और भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता था। पंजाब चुनाव से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के विस्तार में उनकी अहम भूमिका रही है। ऐसे में उनका बीजेपी में जाना आम आदमी पार्टी के भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।
