नई दिल्ली:– लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा है। 20 अगस्त को लिखे गए इस पत्र में जातिगत जनगणना की मांग के साथ-साथ और अन्य चीजों पर प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान खिंचा गया है। कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता जयराम रमेश ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को लिखे गए पत्र की जानकारी दी।
जयराम रमेश ने बताया कि इस पत्र में कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी को जातिगत जनगणना कैसे करवानी है उसका सुझाव दिया है। पत्र में जातियों का ब्यौरा और सभी संबंधित चीजों संलग्न की गई है। इस दौरान कांग्रेस नेता ने जातिगत जनगणना को लेकर सरकार के इरादे को लेकर हमला बोला और कहा कि सरकार कोई इरादा नहीं है कि ईमानदारी से जातिगत जनगणना कराने का।
ईमानदारी से जनगणना नहीं चाहती सरकार
जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार का कोई इरादा नहीं है कि ईमानदारी से जातिगत जनगणना कराई जाए। प्रधानमंत्री खुद इसको बेमतलब की जनगणना बता रहे है। सामाजिक न्याय से इसका कोई लेना देना नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि, जब 2027 में पॉपुलेशन सेंसस होगा तो उसमें हर नागरिक से 40 सवाल पूछे जाएंगे जिसमें 10वां सवाल जाति से जुड़ा होगा। इसलिए राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को कहा है कि जो सवाल पूछा जाएगा जाति को लेकर उसका कोई मतलब नहीं है। जानबूझकर जातिगत जनगणना को ठंडे बक्से में डाला जा रहा है।
बिहार में हुई जातिगत जनगणना पर हमला
जयराम रमेश ने कहा कि 2023 में बिहार में जाति सर्वेक्षण के नतीजे प्रकाशित हुए और 2025 में तेलंगाना में नतीजे प्रकाशित हुए। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी से हमारी मांग है कि जिस आधार पर तेलंगाना और बिहार में जातीय सर्वेक्षण करवाया गया है उसी तरह पूरे देशभर में जातीय सर्वेक्षण होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि, सरकार को विशेषज्ञों से बात करनी चाहिए, सर्वदलीय बैठक बुलानी जानी चाहिए। अगर पीएम मोदी ईमानदारी से सामाजिक न्याय की सोच रखते हैं, तो आपको जातिगत जनगणना ढंग से करवानी चाहिए। कांग्रेस इससे पहले भी आरोप लगा चुकी है कि सरकार अपने फायदे के हिसाब से जातिगत जनगणना करवाना चाहती है।
