
नई दिल्ली, 24 मार्च। योग गुरु एवं पतंजलि समूह के मुखिया बाबा रामदेव का पतंजलि समूह खाद्य तेल और पोषक आहार क्षेत्र की कर्ज से बोझ तले दबी कंपनी रुचि सोया को तीन साल के अंदर ही ऋण मुक्त करने जा रहा है।
बाबा रामदेव ने गुरुवार को कहा कि रुचि सोया के वर्तमान अनुवर्ती शेयर निर्गम (एफपीओ) के बाद अब यह कंपनी अप्रैल 2022 में शुद्ध रूप से एक ‘ऋण मुक्त’ बना दी जाएगी।
उन्होंने कि इस वर्ष के अंत तक कंपनी के छह प्रतिशत और शेयर बाजार में डाले जाएंगे। पतंजलि समूह ने दिवाला संहिता के तहत रुचि सोया को वर्ष 2019 में खरीदा था। दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत पतंजलि समाधान प्रक्रिया के क्रियान्वयन तिथि 18 दिसंबर 2019 थी।
बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि के पूरे खाद्य उत्पाद पोर्टफोलियो को रुचि सोया में हस्तांतरित करने का निर्णय कर लिया गया है। उन्होंने यूनीवार्ता से कहा, ‘हम रुचि सोया को दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य कंपनी बनाने का संकल्प रखते हैं।’
बाबा रामदेव ने रुचि सोया के 4300 करोड़ रुपये के एफपीओ का आज यहां शंखानाद के साथ शुभारंभ करते हुए एक विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ऋण मुक्त कंपनियों की परिभाषा के अनुसार रुचि सोया अप्रैल में ऋण-मुक्त हो जाएगी। हम इस एफपीओ से कंपनी पर जो भी टर्म लोन (सावधिक कर्ज) है उसे चुका देंगे।”
रुचि सोया का एफपीओ आम लोगों के लिए 24-28 मार्च तक खुला रहेगा। इसके लिए आवेदन मूल्य का दायरा 615-615 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। कंपनी ने प्रत्येक पात्र कर्मचारी के लिए 10-10 हजार रूपये तक शेयर आरक्षित किए हैं।
उन्होंने कहा कि रुचि सोया पर करीब 3300 करोड़ रुपये का कर्ज है। अप्रैल के बाद हमें फिलहाल केवल रोजमर्रा के काम की पूंजी के लिए ही कर्ज की जरूरत रहेगी। बाबा राम देव ने कहा, “योग के जरिए देश को हेल्थ (स्वास्थ्य) देने के बाद अब हम कर्मयोग के माध्यम से आम लोगों तक वेल्थ (सम्पत्ति) पहुंचाने की बात कर रहे हैं। पतंजलि परिवार के लिए यह बहुत बड़ा दिन है। यह इश्यू आम आदमी के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।’’
पतंजलि समूह के प्रवक्ता एस. के. तिजारावाला ने कहा, “देशी विदेशी संस्थागत निवेशक रुचि सोया के इस निर्गम को देसी कहावत के अनुसार टूट पड़के ले रहे हैं।”
पतंजलि के मुखिया ने बताया कि खाद्य तेज और न्यूट्रीला जैसे चर्चित ब्रांड वाली सोया उत्पाद के पांच प्रतिशत और शेयर दिसंबर तक बाजार में प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “अभी इस कंपनी के दो प्रतिशत से कम शेयर ही शेयर में सूचीबद्ध हैं। इस एफपीओ के बाद सार्वजनिक शेयरों का अनुपात 18 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। दिसंबर तक छह प्रतिशत और शेयर बाजार में लाए जाएंगे।”
उन्होंने कहा कि रुचि सोया के बाद भविष्य में पतंजलि अपने औषधि तथा वेलनैस उत्पादों को भी बाजार में सूचीबद्ध कराने की योजना पर काम कर रही है।
बाबा रामदेव ने बताया कि एंकर निवेशकों के वर्ग में कल 1290 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें एंकर निवेशक वर्ग में 3000 करोड़ रुपये के शेयरों के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे लेकिन हम उन्हें नियम के अनुसार इतने शेयर नहीं जारी कर सकते हैं।” कंपनी ने 46 देशी विदेशी निवेशकों को एंकर निवेशक के कोटे में कुल 1.98 करोड़ शेयर 650 रुपये के भाव पर जारी किए हैं। इनमें चार घरेलू म्यूचुअल फंड भी हैं।
आदित्य बिड़ला सन लाइफ ट्रस्टी, एजी डयनेमिक्स, फंड्स, अल्केमी इंडिया, एएसके एमएफ, ऑथम इन्वेस्टमेंट, बेलग्रेव, बीएनपी पारिबायस आर्बिट्राज, कोहेशन एमके बेस्ट आइडियाज, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, केटक एमएफ, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस , यूटीआई म्यूच्यूअल फंड, सोसाइटी जेनरल, यूपीएस ग्रुप, वोराडो वेंचर्स और विनरो कमर्शियल जैसे निवेशक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि रुचि सोया का न्यूट्रीला ब्रांड सोया बड़ी के बाजार में आज 50 प्रतिशत का हिस्सा रखता है। इसका 35 देशों में निर्यात हो रहा है। पतंजलि समूह का प्रयास है कि हम 100 देशों में इस ब्रांड को पहुंचाएं। मेहनत ओर मजबूत नेटवर्क हमारी ताकत है।
उन्होंने कहा, ‘पतंजलि के बिस्कुट समेत पूरे खाद्य उत्पाद पोर्टफोलियो को रुचि सोया में विलय करने का निर्णय हो चुका है। ”
बाबा रामदेव ने कहा कि रुचि सोया खाद्य तेल में भारत को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए ऑयल पाम के बागान में लगे हैं। देश को खाद्य तेल आयात पर सालाना 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहा है। कंपनी के एक प्रकाशन के अनुसार उसने नौ राज्यों में 39 हजार किसान परिवारों के साथ 57 हजार हेक्टेयर में ऑयल पाम के बागों के विकास पर काम कर रही है जो आत्म निर्भर भारत के अभियान के अनुकूल है।
उन्होंने कहा, ‘‘सात रुपये का यह शेयर आज 650 रुपये का है। फिर भी यह सस्ता है। मुंबई में लोगों ने मुझसे यह सवाल किया कि आप इस शेयर को इतने सस्ते में क्यों दे रहे है।” उन्होंने कहा ,“हमारा लक्ष्य रुचि सोया को विश्व की एक प्रमुख खाद्य उत्पाद कंपनी बनाना है।”