
मध्यप्रदेश :- आपराधिक मानहानि केस में राहुल गांधी की अपील खारिज हो गई है। सूरत की कोर्ट ने 2019 में उनके दिए ‘मोदी चोर है’ बयान पर उन्हें सुनाई सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें सलाह दी है कि राहुल जी को अपनी गलती स्वीकार कर ओबीसी वर्ग से माफी मांग लेनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं को भी न्यायपालिका का अपमान नहीं करना चाहिए।
सिविल सर्विस डे पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद शिवराज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ‘कांग्रेस के मित्रों को पता नहीं क्या हो गया है। बड़ा आसान था ओबीसी से माफी मांग लेते राहुल गांधी जी! लेकिन कोर्ट के फैसले पर टिप्पणियां की जा रही है। सवाल उठाए जा रहे हैं। उंगलियां भी उठाई जा रही हैं। यहां तक कि माननीय न्यायाधीश के बारे में भी उल्टा-सीधा बोला जा रहा है। आप एक तरफ कोर्ट में जाते हो, दूसरी तरफ कोर्ट के बारे में भी ऊटपटांग बोलते हो। आखिर क्या हो गया है? आप जो बोलते हो क्या वही सच है? राहुल जी को अपनी गलती स्वीकार कर ओबीसी से माफी मांगनी चाहिए। यह लोकतंत्र है। कम से कम कांग्रेस के नेताओं को न्यायपालिका का अपमान नहीं करना चाहिए। पूरे देश का विश्वास और भरोसा न्यायपालिका पर है।
शिवराज ने कमलनाथ के बयान पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पता नहीं कमलनाथ जी को क्या हो गया है। देख लूंगा, निपटा दूंगा, आ रहा हूं। लोकसेवक को धमकाना किसी भी हालत में उचित नहीं है। नैतिक भी नहीं है। वह भी इंसान हैं। उनका भी सम्मान होना चाहिए। मुंह में आया और कह दिया कि मैं देख लूंगा। क्या देख लोगे? क्या ये भाषा उचित है? इसकी मैं निंदा करता हूं। मध्यप्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं के बयानों पर शिवराज ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुझे तो यह समझ नहीं आता कि भावी मुख्यमंत्री, अवश्यंभावी मुख्यमंत्री सब कांग्रेस में हो रहा है लेकिन कह रहे हैं कि संगठन कमजोर है। एक कहते हैं कि बूथ मजबूत है। अब कौन सही बोल रहे हैं? कमलनाथ जी सही बोल रहे हैं या दिग्विजय सिंह जी? दोनों मिलकर फैसला करें।