नई दिल्ली:– राष्ट्रीय राजनीति में जोरों से चर्चा है कि मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल होने वाला है। इस वजह से सब की नजर इस समय मोदी कैबिनेट की हर एक चाल पर है, हालांकि पहले सुनने में आया था कि फेरबदल रविवार या सोमवार यानी 28 जून और 29 जून को हो सकता है लेकिन अब तक कोई फेरबदल देखने को नहीं मिला।
इसी बीच ऐसा माना जा रहा है कि इस बड़े फेरबदल का असर का मध्य प्रदेश की राजनीति में पड़ना तय है। कयासों का बाजार गरम है, जिसके तहत यह माना जा रहा है कि राज्य से कई नए चेहरों को केंद्रीय मंत्रीमंडल में जगह मिल सकती है।
एसटी-एससी और ओबीसी वर्ग पर विशेष फोकस
पार्टी सूत्रों के अनुसार, जातिगत समीकरणों और आगामी राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा नेतृत्व कई बदलाव करने की तैयारी में है।
एसटी-एससी प्रतिनिधित्व: केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर और डॉ. वीरेंद्र कुमार के कामकाज की समीक्षा के बाद, विकल्प के तौर पर एसटी वर्ग से हिमाद्री सिंह और एससी वर्ग से संध्या राय के नाम चर्चा में हैं। वहीं, डॉ. वीरेंद्र कुमार को राज्यपाल की नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
ओबीसी वर्ग: सतना सांसद गणेश सिंह का नाम भी ओबीसी वर्ग के संभावित उम्मीदवार के तौर पर तेजी से उभर रहा है।
विष्णुदत्त शर्मा की नई भूमिका के संकेत
खजुराहो से लगातार दूसरी बार सांसद बने विष्णुदत्त शर्मा को लेकर भी बड़ी चर्चाएं हैं। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे शर्मा की संगठन पर मजबूत पकड़ और उनकी संघ-एबीवीपी पृष्ठभूमि को देखते हुए, उन्हें केंद्र में राष्ट्रीय महासचिव जैसे बड़े संगठनात्मक पद या मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
अगली पीढ़ी को तैयार करने की कवायद
इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की अगली पीढ़ी के नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक अनुभव प्रदान करना है। वर्तमान में शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ. वीरेंद्र कुमार जैसे दिग्गज नेता पहले से ही मोदी कैबिनेट में राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
साथ ही, नितिन नवीन के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बीच यह माना जा रहा है कि राज्य के कुछ और वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय राजनीति से हटाकर दिल्ली में राष्ट्रीय महासचिव या उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं दी जा सकती हैं।
