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नई दिल्ली:– लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण न हो पाने के बाद अब यह सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। इस घटनाक्रम पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और कंगना रनौत और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने तीखी आलोचना करते हुए गंभीर आरोप लगाए है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि देश ने देखा कल क्या हुआ, मैंने पीएम से ना आने का आग्रह किया, महिला सांसद वहां पहुंच गई थी, हालत को देखते हुए पीएम को ना आने का आग्रह किया, क्योंकि पीएम के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी।
पोस्टर लेकर आएंगे तो नहीं चलेगा संसद
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि ये सदन की गरिमा के खिलाफ है। मेरा आग्रह मानने के लिए पीएम का आभार। फिलहाल सदन कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। ओम बिरला ने विपक्ष से कहा कि पोस्टर लेकर आएंगे तो संसद नहीं चलेगा।
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि बुधवार को लोकसभा में कुछ सदस्यों का व्यवहार गलत था। स्पीकर के ऑफिस में कुछ विपक्षी सदस्यों का व्यवहार एक ‘काला धब्बा’ है। हम सभी को सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करना चाहिए।
प्रधानमंत्री पर अटैक करने की थी योजना
हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा सांसद कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि जब पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देना था तो उससे पहले कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री का रास्ता पूरी तरह घेर लिया था। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष पर भी हमला करने की कोशिश की। उनकी योजना सीधे प्रधानमंत्री पर अटैक करने की थी. कंगना ने कहा, “विपक्ष की महिला सांसद उस जगह इकट्ठा हो गई थीं जहां प्रधानमंत्री बैठते हैं. ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री का भाषण न होना एक सही फैसला था.”
क्या बोले मनोज तिवारी?
भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा, ‘उन्होंने (विपक्ष) पूरा घेर लिया था इसलिए तो प्रधानमंत्री जी नहीं आए। विपक्ष की करीब 7-8 महिला सांसद वो आगे आकर, जहां प्रधानमंत्री जी बैठते हैं, वहां और जहां से प्रधानमंत्री जी आते हैं वहां तक इन्होंने पूरा घेर लिया। तब प्रधानमंत्री जी को रुकना पड़ा होगा।’
