छत्तीसगढ़:- जनगणना 2027 के लिए तैयारियां तेज हो गई है. इस कड़ी में एमसीबी जिले में पर्यवेक्षकों और प्रगणकों को स्पेशल ट्रेनिंग दी गई. इस प्रशिक्षण में जनगणना की पूरी प्रक्रिया, डेटा संकलन की विधियां और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी जा रही है.
तकनीक पर आधारित होगी जनगणना 2027
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर मुकेश चौहान ने बताया कि भारत में जनगणना की शुरुआत वर्ष 1872 में हुई थी और तब से हर दस वर्ष में यह नियमित रूप से आयोजित की जाती रही है. उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 स्वतंत्र भारत की आठवीं जनगणना होगी, जिसमें तकनीकी और प्रबंधन स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं.इस बार डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीकों का अधिक उपयोग किया जाएगा, जिससे डेटा संग्रहण अधिक सटीक, तेज और पारदर्शी हो सके.
जनगणना केवल जनसंख्या के आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है.केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाएं, संसाधनों का आवंटन, सामाजिक-आर्थिक नीतियां और विकास कार्यक्रम जनगणना के आंकड़ों पर ही आधारित होते हैं- मुकेश चौहान, मास्टर ट्रेनर
जनगणना है परिसीमन का आधार
अधिकारियों ने बताया कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही लोकसभा, विधानसभा, नगर निकायों और पंचायतों का परिसीमन किया जाता है. यह प्रक्रिया जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक होती है.ऐसे में जनगणना का निष्पक्ष और सटीक होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने, घर-घर सर्वेक्षण के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों और डिजिटल उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके साथ ही डेटा की गोपनीयता, सटीकता और समयबद्ध रिपोर्टिंग पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.
ट्रेनिंग के दौरान सभी कर्मचारियों को फील्ड में काम करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए जा रहे हैं. डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ डेटा की शुद्धता और गोपनीयता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है- लिंगराज सिदार, एसडीएम मनेन्द्रगढ़
जनगणना को लेकर आम जनता से अपील
अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जिले और देश के विकास के लिए सटीक आंकड़े तैयार किए जा सकें.
