छत्तीसगढ़ :– हाईकोर्ट ने समर वेकेशन को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। जारी कार्यक्रम के अनुसार, न्यायालय 18 मई 2026 (सोमवार) से 12 जून 2026 (शुक्रवार) तक अवकाश पर रहेगा। इसके बाद 15 जून 2026 (सोमवार) से नियमित कामकाज फिर से शुरू हो जाएगा। हालांकि, इस दौरान पूरी तरह कामकाज बंद नहीं रहेगा और जरूरी मामलों की सुनवाई जारी रखी जाएगी।
वेकेशन जजों के जरिए होगी सुनवाई
अवकाश के दौरान महत्वपूर्ण मामलों के निपटारे के लिए वेकेशन जजों की नियुक्ति की गई है। ये जज सुबह 10:30 बजे से कार्यवाही शुरू करेंगे। जरूरत पड़ने पर सुनवाई का समय बढ़ाया भी जा सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरी मामलों में देरी न हो और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहे।
फाइलिंग प्रक्रिया रहेगी जारी
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि समर वेकेशन के दौरान भी सिविल, क्रिमिनल और रिट से जुड़े मामलों की फाइलिंग जारी रहेगी। हालांकि, जिन मामलों में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता होगी, उनके लिए अलग से अर्जेंट आवेदन देना अनिवार्य होगा। जमानत मामलों को स्वतः सूचीबद्ध किया जाएगा और इसके लिए अलग से आवेदन की जरूरत नहीं होगी। वहीं, अन्य लंबित मामलों के लिए अर्जेंट आवेदन देना जरूरी रहेगा।
रजिस्ट्री कार्यालय का समय
अवकाश के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। हालांकि, शनिवार, रविवार और शासकीय अवकाश के दिनों में यह बंद रहेगा। इससे वकीलों और पक्षकारों को आवश्यक दस्तावेज जमा करने में सुविधा बनी रहेगी।
तय तारीखों पर सुनवाई
अवकाश के दौरान सुनवाई के लिए कुछ विशेष तारीखें निर्धारित की गई हैं। इनमें 19, 21, 26 और 28 मई के साथ-साथ 2, 4, 9 और 11 जून 2026 शामिल हैं। इन दिनों में वेकेशन जज जरूरी मामलों की सुनवाई करेंगे। जो मामले तय समय पर प्रस्तुत नहीं हो पाएंगे, उन्हें अगली तारीख के लिए अलग सूची में रखा जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर आदेश
यह अधिसूचना मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर जारी की गई है। रजिस्ट्रार (न्यायिक) सुमित कपूर ने इस आदेश को जारी करते हुए बताया कि अवकाश के दौरान भी न्यायिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
अवकाश में भी जारी रहेगी न्याय प्रक्रिया
कुल मिलाकर, इस व्यवस्था के तहत अवकाश के दौरान भी जरूरी मामलों की सुनवाई और फाइलिंग जारी रखी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि न्यायिक प्रक्रिया बाधित न हो और आम लोगों को समय पर राहत मिल सके।
