*कोरबा/जिले में समग्र शिक्षा के समावेशी शिक्षा अंतर्गत जिला स्तरीय दस दिवसीय वातावरण निर्माण पर प्रारंभिक स्तर कक्षा शिक्षकों का सांकेतिक भाषा ब्रेल लिपि श्रवण बाधित दृष्टिबाधित वाणी वाधित बच्चों की शिक्षा में आ रही भाषाई एवं संप्रेषण वाधाओं को कक्षा प्रबंधन शिक्षण सामग्री से संबंधित समस्या निवारण कर नवाचार के माध्यम से शिक्षित करने जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन बीआरसी भवन खरमोरा में आयोजित किया गया।

यह संपूर्ण अवासीय व्यवस्था के साथ जिले के समस्त विकासखंडों जिसमें कुल 120 प्राथमिक माध्यमिक स्तर शालाओं के शिक्षकों को शिक्षकीय कार्य के लिए सांकेतिक शिक्षा से परिपक्क ज्ञान आधारित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं मिशन संचालक के निर्देशन पर जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला मिशन समन्वयक डॉ संजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में समावेशी शिक्षा आधारित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन कराया जा रहा है
जिसमें राज्य एवं जिला के विभिन्न मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें दिव्यांगता आधारित शिक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है ताकि प्रशिक्षण पश्चात विद्यालय में शिक्षारत दिव्यांग बच्चों को उनके दिव्यांगता पर आधारित शिक्षा प्रदान कर सके शिक्षा के अधिकार अधिनियम अंतर्गत नवीन शिक्षा नीति का उद्देश्य पूर्ण हो सके।
राज्य स्तर मास्टर ट्रेनर पदमा शर्मा संचालक कोपल वाणी रायपुर विभिन्न वैज्ञानिक मनोवैज्ञानिक तरीकों से प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया।
इस अवसर पर पद्मिनी साहू सांकेतिक भाषा अनुवादक विभिन्न संकेतों के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर अंतर मन के भावों को व्यक्त करने का तरीका बताया। मोहम्मद जावेद अख्तर समावेशी शिक्षक कार्यशाला के रूपरेखा के बारे में प्रकाश डालते हुए विस्तार से उद्देश्य का बोध कराया। इस अवसर पर ज्वाला सिंह सोलंकी,अरुणा शर्मा,माधुरी मोहन सहित समावेशी शिक्षा के शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।