नई दिल्ली:– पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर छाया “370 बिरयानी विवाद” अब केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि महिलाओं की गरिमा, युवाओं की सोच और कॉमेडी की सीमाओं पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। इस बीच प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कॉमेडी के नाम पर समाज में गलत संदेश फैलाए जा रहे हैं।
विवाद की शुरुआत स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के एक शो से हुई, जहां दर्शक के रूप में मौजूद हिमांशु जांगड़ा ने एक लड़की के साथ डेट का जिक्र करते हुए कहा कि उसने उसके लिए 370 रुपये की बिरयानी खरीदी थी और फिर उस खर्च की “वसूली” करने जैसी आपत्तिजनक बातें कही थीं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिला और इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक मानसिकता का उदाहरण बताया गया।
अनिरुद्धाचार्य ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब युवा इस तरह की बातें सार्वजनिक मंचों पर करेंगे और लोग उस पर हंसेंगे, तो इसका समाज पर गलत असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच महिलाओं के सम्मान और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है। महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता और फूहड़ता को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे रोकने की जरूरत है।
विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र साइबर सेल ने कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा और अन्य लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री को लेकर एफआईआर दर्ज की है। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की शिकायत के बाद गुरुग्राम में भी मामला दर्ज होने की खबर सामने आई। लगातार बढ़ते दबाव और आलोचना के बीच प्रणित मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि वह शो के दौरान दर्शकों की हंसी और माहौल में बह गए थे तथा उन्हें उस वक्त आपत्तिजनक टिप्पणी को रोकना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह उनकी बड़ी गलती थी और वह आलोचना के हकदार हैं।
दूसरी ओर हिमांशु जांगड़ा ने भी बाद में सफाई देते हुए कहा कि मंच पर सुनाई गई कहानी पूरी तरह सच नहीं थी और उसमें कुछ बातें मनोरंजन के लिए बढ़ा-चढ़ाकर कही गई थीं। हालांकि उन्होंने अपनी भाषा और टिप्पणियों के लिए खेद व्यक्त किया। रिपोर्टों के मुताबिक विवाद के बाद उन्हें नौकरी भी गंवानी पड़ी और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच कई महिला संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया है। नवी मुंबई में महिलाओं के एक संगठन ने प्रणित मोरे के आवास के बाहर प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि इस तरह की सामग्री महिलाओं के खिलाफ गलत मानसिकता को सामान्य बनाने का काम करती है।
370 बिरयानी विवाद अब एक वायरल क्लिप से आगे बढ़कर समाज में महिलाओं के सम्मान, सहमति (Consent) और सार्वजनिक मंचों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर बहस का रूप ले चुका है। यही वजह है कि संत समाज से लेकर महिला संगठनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक, हर स्तर पर इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
