नई दिल्ली:– लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद के मानसून सत्र शुरू होने से पहले रविवार को लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक बुलाई। इसकी अध्यक्षता स्पीकर ओम बिरला ने किया। बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ संसद सत्र के विधायी कामकाज और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा लोकसभा में सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले विधेयकों पर चर्चा के लिए समय का आवंटन किया गया।
बैठक में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी सदस्यों से सदन में रचनात्मक बहस, सार्थक भागीदारी और सदन के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने का आग्रह किया। साथ ही सत्र को उत्पादक और गरिमापूर्ण बनाने के लिए सहयोग पर भी जोर दिया। जानकारी के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदो के एनसीपीआई में विलय को लेकर स्पीकर ओम बिरला मानसून सत्र के शुरू होने से पहले ही फैसला ले लेंगे।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष को दी चेतावनी
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अभी मीटिंग खत्म हुई है। यह लोकसभा स्पीकर की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग थी। इसमें महत्वपूर्ण बिल सरकार की ओर से पेश किए गए हैं। विपक्ष के कुछ लोगों ने भी सुझाव दिए हैं। हमने अपील की है कि सुबह जब संसद शुरू होगी तब विपक्ष हंगामा न करे। अगर उन्होंने हंगामा किया तो नुकसान होगा।
बैठक में विधेयकों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित
उच्चतम न्यायालय मे न्यायाधीशों की संख्या से संबंधित विधेयक
इस विधेयक के लिए चर्चा का समय चार घंटे निर्धारित किया गया है। इस प्रस्तावित संशोधन में सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश को छोड़कर 33 से बढ़ाकर न्यायाधीशों की संख्या 37 करने का प्रावधान है, जिससे कि लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए।
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र से संबंधित विधेयक
मानसून सत्र में इस विधेयक पर बहस के लिए चार घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र की प्रक्रिया में और अधिक सख्ती लाना है।
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान के रोकथाम संबंधी विधेयक
सदन में इस विधेयक पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इस विधेयक के जरिए देश के राष्ट्रीय सम्मान और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने वालों के खिलाफ और सख्त दंडात्मक प्रावधान करने का प्रस्ताव है।
विदेशी अंशदान संबंधित विधेयक
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में इन प्रमुख विधेयकों पर 4 घंटे चर्चा होगी। 25 मार्च, 2026 को ही इन विधेयकों को सदन में पेश कर दिया गया था। सरकार ने कहा है कि इन विधेयकों का उद्देश्य देश में मिलने वाले ग्रांट और विदेशी चंदों की पारदर्शिता को बढ़ाना है।
आयकर संबंधी विधेयक
सदन में यह विधेयक अध्यादेश के रूप में पेश होगा। इसके लिए चर्चा का समय 4 घंटे तय किया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य भारत के सॉवरेन डेट मार्केट (Sovereign Debt Market) को मजबूती देना, बाजार में तरलता बढ़ाना और विदेशी निवेश आकर्षित करना है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास से संबंधित विधेयक
सदन में MSME क्षेत्र से संबंधित इस विधेयक पर पांच घंटे चर्चा का समय निर्धारित किया गया है। सरकार के अनुसार, इस विधेयक का उद्देश्य देरी से भुगतान वाली व्यवस्था को मजबूत बनाना, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को प्रोत्साहन देना और राज्यों को और अधिक अधिकार देना है।
