केरलम :– पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का सचिव नियुक्त किया गया है। इस कदम से राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि जहां एक ओर कांग्रेस पार्टी भाजपा शासित राज्यों में ऐसी नियुक्तियों का विरोध करती है, वहीं दूसरी ओर वह केरल के भीतर खुद भी ठीक वैसी ही नियुक्ति अपना रही है।
यह विवाद कर्नाटक की एक हालिया घटना से जुड़ा है, जहां बीजेपी सरकार ने पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव नियुक्त किया था। उस समय, कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे, उन्होंने बीजेपी की कड़ी आलोचना की थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत है। इसके अलावा, उन्होंने यहां तक टिप्पणी की थी, “चोरी जितनी बड़ी, इनाम भी उतना ही बड़ा।”
वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त
अब जब कांग्रेस नीत केरलम सरकार ने खुद राज्य के पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू. केलकर को नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किया है तो भाजपा मुखर हो उठी है। भाजपा ने इस नियुक्ति को लेकर केरलम सरकार और राहुल गांधी को भी घेरा है।
दरअसल, रतन यू. केलकर 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। केलकर ने केरलम विधानसभा चुनावों के दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी के रूप में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी की थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता के. सुरेंद्रन ने सोशल मीडिया पर इसे कांग्रेस का दोहरा मापदंड बताया। के. सुरेंद्रन ने राहुल गांधी और उनकी टीम को पाखंडी बताया है।
भाजपा आईटी सेल ने साधा निशाना
वहीं, भाजपा आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब इसकी तुलना कांग्रेस शासित केरलम से करें।
उन्होंने कहा कि रतन यू. केलकर केरलम कैडर के 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वे राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी भी नहीं हैं, उन्हें मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किया जा रहा है, जबकि वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद पर भी बने रहेंगे। एक ऐसा पद जिसके लिए संस्थागत निष्पक्षता और स्वतंत्रता आवश्यक है तो अब राहुल गांधी का संस्थागत मर्यादा का उपदेश कहां है? या उनका आक्रोश पूरी तरह से सत्ता में मौजूद पार्टी पर निर्भर करता है?
बचाव में उतरे रमेश चेन्निथला
वहीं, भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पश्चिम बंगाल में पूर्व चुनाव अधिकारी को मुख्य सचिव बनाया जाता है, तो राहुल गांधी इसको चोरी का इनाम बताते हैं, लेकिन 10 दिन बाद जब वे इस घटना को केरलम में दोहराते है तो कांग्रेस और राहुल गांधी दोनों इस पर मौन हैं तो क्या इसे लोकतंत्र की खूबसूरती कहा जाएगा?
हालांकि, केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला इस नियुक्ति के बचाव में मैदान में उतरे। चेनिथल्ला ने मीडिया से कहा कि सरकार के पास सक्षम अधिकारियों को महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नियुक्त करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री का सचिव बनाना सरकार का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि केलकर एक योग्य अधिकारी हैं और इस नियुक्ति में कुछ भी असामान्य नहीं है।
