नई दिल्ली:- निजामुद्दीन और आनंद विहार के बाद अब दिल्ली को एक और रेलवे स्टेशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट बिजवासन में अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन के लिए जमीन को लेकर अड़चनें दूर हो गई हैं।
बिजवासन में होगा स्टेशन:
अभी छोटा रेलवे स्टेशन है,इसे बड़े स्टेशन के रूप में विकसित करने के बाद यहां से महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए ट्रेनों का परिचालन हो सकता है।
एनजीटी ने याचिका खारिज की:
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया था कि जिस जमीन पर रेलवे स्टेशन का विस्तार करने की योजना है, वह वन विभाग की है।
एनजीटी ने माना है कि 1 लाख 24 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल वाली जमीन, जिस पर बिजवासन रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य हो रहा है, वह वन विभाग का नहीं है।
स्टेशन की विशेषताएं:
12,500 वर्ग मीटर का ओपन एयर कॉनकोर्स बनेगा
08 प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं
04 सब-वे यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे हैं
1.24 परराज्यीय बस अड्डा बनाने की भी योजना है
महत्व:
द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन पास होने की वजह से यह रेलवे स्टेशन यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
आने वाले समय में महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट हब बनने जा रहा है।
यहां से यात्रियों के लिए बस, मेट्रो, रेलगाड़ी एवं हवाई जहाज की सुविधा होगी।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बोझ कम होगा:
बिजवासन रेलवे टर्मिनल बनने के बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से भीड़ कम होगी। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान की तरफ यहां चलने वाली सभी ट्रेने बिजवासन टर्मिनल से चलेंगी।
