छत्तीसगढ़ :– हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक और विभागीय प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को अपील दायर करने में हुई देरी का पर्याप्त कारण नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल की एकल पीठ ने राज्य शासन द्वारा दायर उस आपराधिक अपील को निरस्त कर दिया, जिसमें कोरबा के विशेष न्यायालय द्वारा आरोपी संजय कुमार यादव को एससी/एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं से दोषमुक्त (डिस्चार्ज) करने के फैसले को चुनौती दी गई थी।
राज्य की ओर से 108 दिनों के विलंब को फाइलिंग प्रक्रिया, विधि विभाग के अनुमोदन और महाधिवक्ता की राय लेने जैसे तर्कों से उचित ठहराने की कोशिश की गई, लेकिन अदालत ने इन्हें खारिज करते हुए कहा कि राज्य को कानून के तहत कोई विशेष छूट प्राप्त नहीं है और सरकारी अधिकारियों की ढिलाई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
