नई दिल्ली : नए शोध से पता चला है कि यह वास्तव में आनुवंशिक रूप से दो भिन्न प्रजातियां हैं। एमडीपीआई नामक पत्रिका में प्रकाशित यह अध्ययन हर एनाकोंडा के संरक्षण के लिए एक नया रहस्य उजागर करता है।
हरे एनाकोंडा दुनिया के सबसे भारी और सबसे लंबे सांपों में से एक हैं। मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका की नदियों और आर्द्रभूमियों में पाए जाने वाले ये विशाल जीव अपनी बिजली की गति और बड़े शिकार को दम घोंटने और फिर उन्हें पूरा निगलने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं। अब नए शोध से पता चला है कि यह वास्तव में आनुवंशिक रूप से दो भिन्न प्रजातियां हैं। एमडीपीआई नामक पत्रिका में प्रकाशित यह अध्ययन हर एनाकोंडा के संरक्षण के लिए एक नया रहस्य उजागर करता है।
शोध के मुताबिक, हरे एनाकोंडा को लंबे समय से अमेजन के सबसे दुर्जेय और रहस्यमय जानवरों में से एक माना जाता है। हरे एनाकोंडा जहरीले नहीं होते हैं। इसके बजाय वे अपने बड़े और लचीले जबड़ों का उपयोग करके शिकार को पकड़ते हैं और फिर उसे निगलने से पहले अपने मजबूत शरीर से उसे कुचल देते हैं। इनकी सबसे बड़ी मादाएं सात मीटर से अधिक लंबी हो सकती हैं और उनका वजन 250 किलो से अधिक हो सकता है।
9 देशों में सभी प्रजातियों का 20 वर्षों तक अध्ययन
शोधकर्ताओं ने नौ देशों में सभी एनाकोंडा प्रजातियों के नमूनों का 20 वर्षों तक अध्ययन किया। आनुवंशिक पहेली के महत्वपूर्ण हिस्से शोधकर्ताओं को इक्वाडोर के अमेजन में वोरानी क्षेत्र के बामेनो इलाके में 2022 में एकत्र किए गए नमूनों से प्राप्त हुए। इसके अलावा दक्षिण अमेरिका में विभिन्न स्थानों से एनाकोंडा का सर्वेक्षण किया गया।
एक करोड़ वर्ष बाद नई प्रजाति की पहचान
शोधकर्ताओं ने कहा कि एनाकोंडा के आवास के प्रकार, स्थान, शिकार की उपलब्धता, वर्षा के पैटर्न जैसे आंकड़े एकत्र किए। प्रत्येक नमूने से ऊतक का प्रयोगशाला में विश्लेषण किया। पता चला कि हरा एनाकोंडा वास्तव में दो आनुवंशिक रूप से भिन्न प्रजातियां हैं। पहली ज्ञात प्रजाति है यूनेक्टेस मुरिनस। इसे सामान्य नाम दक्षिणी हरा एनाकोंडा दिया। दूसरी नई पहचानी गई प्रजाति यूनेक्टेस अकायिमा या उत्तरी हरा एनाकोंडा है। माना जाता है कि लगभग एक करोड़ वर्ष पहले हरा एनाकोंडा दो प्रजातियों में विभाजित हो गया। अब इसकी पहचान हो पाई है।
