किसी व्यक्ति के शरीर में अगर व्हाइट ब्लड सेल्स काउंट का बढ़ रहा है तो मेडिकल भाषा में इसे ‘ल्यूकोसाइटोसिस’ कहते हैं. इसके कारण स्वास्थ्य को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स के काउंड के बढ़ने के कारण ल्यूकोसाइटोसिस जैसी गंभीर बीमारी शरीर में पनपने लगती है. इसे वक्त रहते कंट्रोल करना बेहद जरूरी है नहीं को यह पूरे स्वास्थ्य को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर सकता है. ब्लड में अगर टीएलसी काउंट बढ़ने लगे तो शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है.
टीएलसी बढ़ने पर गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैंव्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या अधिक होने से आपके शरीर को संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. अगर आपके शरीर में जरूरत से ज्यादा व्हाइट ब्लड सेल्स हो जाते हैं तो ब्लड कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. इसके अलावा व्हाइट ब्लड सेल्स काउंट बढ़ने के कारण बोन मैरो डिसऑर्डर की समस्या भी काफी हद तक बढ़ जाती है. ऐसी समस्याओं से खुद को बचाने के लिए हाई व्हाइट ब्लड सेल्स काउंट को कंट्रोल में रखना बेहद बहुत जरूरी है.
टीएलसी के शुरुआती लक्षणक्या आप जानते हैं कि व्हाइट ब्लड सेल्स काउंट बढ़ने के लक्षण को पहचानना बेहद जरूरी है नहीं तो यह एक गंभीर रूप ले सकता है. व्हाइट ब्लड सेल्स काउंट बढ़ने पर आपको बुखार, थकान, दर्द और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसके अलावा अगर आपको रात को सोते समय पसीना आता है तो भी आपको सावधान रहना चाहिए. अचानक वजन कम होना या दाने होना हाई व्हाइट ब्लड सेल्स काउंट बढ़ने के संकेत हो सकते हैं.
क्यों बढ़ती है काउंट?व्हाइट ब्लड सेल्स काउंट बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति काफी ज्यादा स्ट्रेस और तनाव में है तो इस सेल्स के नंबर बढ़ सकते हैं. जिन लोगों को थायरॉइड की समस्या, दांतों में कैविटी और एलर्जी की दिक्कत है तो उनके शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ सकती है. अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो आपके शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ सकती है. कुल मिलाकर, अगर आपको अपने शरीर में एक साथ ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आपको तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए
