मध्य प्रदेश:– उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में भस्मारती की सुविधा में बड़ा बदलाव किया गया है. महाकालेश्वर मंदिर समिति ने भस्मारती की बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव करते हुए ऑफलाइन अनुमति को पूरी तरह से बंद कर दिया है. अब श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि एक दिन पहले मिलने वाली 300 निशुक्ल परमिशन को अब तत्काल कोटे के तहत 200 रुपए के साथ ऑनलाइन कर दिया गया है. साथ ही, एडवांस बुकिंग की अवधि को 3 महीने से घटाकर 1 महीना कर दिया गया है. मंदिर की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए संध्या और शयन आरती की बुकिंग भी 250 रुपए के शुल्क के साथ ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी, जबकि बिना शुल्क वाले भक्तों के लिए केवल चलित दर्शन की व्यवस्था रहेगी.
महाकालेश्वर मंदिर में अब भस्म आरती के लिए काउंटर पर जाकर पर्ची कटवाने का पुरानी तरीका खत्म हो गया है. मंदिर समिति ने 9 अप्रैल से ऑफलाइन अनुमति की व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया है. इसका उद्देश्य मंदिर परिसर में लगने वाली लाइनों और श्रद्धालुओं की थकान को कम करना है. श्रद्धालुओं को 5 से 6 घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता था.
पहले जो 300 परमिशन ऑफलाइन और मुफ्त मिलती थीं, वे अब तत्काल कोटे के नाम से ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी. हालांकि, अब इसके लिए हर श्रद्धालु को 200 रुपए का शुल्क देना होगा. यह बुकिंग दर्शन की तारीख से ठीक एक दिन पहले सुबह 8 बजे मंदिर की वेबसाइट पर खुलेगी और पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी.
सामान्य ऑनलाइन बुकिंग के नियमों में भी बड़ा बदलाव हुआ है. पहले श्रद्धालु 3 महीने पहले ही टिकट बुक कर सकते थे, लेकिन अब यह समय सीमा घटाकर 1 महीने कर दी गई है. इसे इस तरह से समझिए, जैसे जून की बुकिंग 1 मई और जुलाई की बुकिंग 1 जून से शुरू होगी, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मौका मिल सकेगा.
भस्मारती की तर्ज पर अब शाम की संध्या आरती और रात की शयन आरती को भी ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया गया है. इनमें बैठकर शामिल होने के लिए भक्तों को 250 प्रति व्यक्ति का भुगतान करना होगा. संध्या आरती की बुकिंग दोपहर 12 बजे और शयन आरती की बुकिंग शाम 4 बजे से शुरू होती है.
जो श्रद्धालु आरती के लिए भुगतान नहीं करना चाहते या जिन्हें ऑनलाइन स्लॉट नहीं मिल पाया है, उनके लिए चलित दर्शन की सुविधा रहेगी. ऐसे भक्त आरती के दौरान कतार में लगकर भगवान के दर्शन करते हुए लगातार आगे बढ़ते रहेंगे और उन्हें बैठने की अनुमति नहीं होगी.
टिकट बुक करते समय श्रद्धालुओं को अपना फोटो और आधार कोर्ड जैसे वैध पहचान पत्र की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी. मंदिर में प्रवेश के समय भी वही असली पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है, ताकि सुरक्षा और पारदर्शिता बनी रहे.
मंदिर प्रबंधन ने सख्त निर्देश दिए हैं सभी आरती प्रकार की बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट shrimahakaleshwar.mp.gov.in पर ही मान्य होगी. भक्तों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनधिकृत लिंक या दलालों के झांसे में न आएं, अन्यथा उनकी बुकिंग मान्य नहीं होगी.
