नई दिल्ली:- आध्यात्मिक प्रवचनों के लिए चर्चित प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपक के कमरे से खून से सना ग्राइंडर बरामद हुआ है और उनके शरीर के निजी अंग पर भी गंभीर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। हालांकि इन परिस्थितियों की वास्तविक वजह क्या है, यह जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वृंदावन के सीओ संदीप कुमार सिंह के अनुसार, सर्वोदय अस्पताल में एक व्यक्ति के घायल अवस्था में भर्ती होने की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण जबलपुर के रहने वाले थे और केलि कुंज से संबंधित गुरु कृपा कुंज आश्रम में रह रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने सुबह करीब 10:30 बजे आश्रम की चौथी मंजिल की छत से छलांग लगाई थी। सूचना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
दीपक के जीजा सोनू पटेल ने बताया कि दीपक ने करीब दो साल पहले दीक्षा ली थी और उसके बाद से परिवार के लोगों की उनसे मुलाकात नहीं हो पा रही थी। उनकी मां ने भी लंबे समय से मुलाकात नहीं होने की बात कही है। बताया जा रहा है कि दीपक करीब दो साल पहले वृंदावन आए थे और दीक्षा लेने के बाद आश्रम से जुड़े हुए थे। वह बिजली का काम जानते थे और कई तस्वीरों व वीडियो में प्रेमानंद महाराज के आसपास नजर आते थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनका परिवार जबलपुर से वृंदावन पहुंच गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दीपक की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
में उठ रहे प्रमुख सवाल
शरीर पर मिले चोट के निशानों की वास्तविक वजह क्या थी?
कमरे से बरामद ग्राइंडर पर लगा खून किसका है?
चौथी मंजिल से गिरने की घटना से पहले क्या हुआ था?
दीपक की मानसिक या व्यक्तिगत स्थिति को लेकर कोई जानकारी सामने आती है या नहीं?
क्या घटनास्थल के सभी साक्ष्य घटना को आत्महत्या की ओर इशारा करते हैं या किसी अन्य संभावना की भी जांच जरूरी है?
