छत्तीसगढ़:- पेंड्रा के गौरेला थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. मामला अक्टूबर 2025 का है, जब घरेलू विवाद के दौरान आरोपी ने पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी.
छत्तीसगढ़ के पेंड्रा स्थित गौरेला थाना क्षेत्र के पटपरिपारा गांव में हुए एक चर्चित हत्याकांड में अदालत ने एक अहम फैसला सुनाया है. द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने आरोपी भैयालाल बैगा जिसने अपनी पत्नी की हत्या की थी, को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. घटना के महज सात महीनों के भीतर ही यह फैसला सुनाकर अदालत ने त्वरित न्याय की एक मिसाल कायम की है.
जानिए पूरा मामला
ये पूरा मामला 19 अक्टूबर 2025 का है, जब आरोपी भैयालाल बैगा का अपनी पत्नी रामकली बैगा के साथ घरेलू मामलों को लेकर झगड़ा हुआ. आरोपी अपनी पत्नी की शराब पीने और घर के कामों की अनदेखी करने की आदतों से बहुत नाराज था. इस कहा-सुनी के दौरान गुस्से में आकर भैयालाल ने कुल्हाड़ी (टांगिया) से अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
मामले की जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अदालत में आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया. राज्य की ओर से प्रभावी तर्क प्रस्तुत करते हुए, अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने गवाहों और सबूतों को पेश किया. अपराध की प्रकृति को गंभीर मानते हुए, अदालत ने भैयालाल बैगा को हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास के साथ-साथ ₹2,000 के जुर्माने की सजा सुनाई.
कोर्ट ने सात महीने में सुनाया फैसला
अर्थदंड अदा न कर पाने की स्थिति में, आरोपी को तीन महीने की अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी. गौरतलब है कि अदालत ने मात्र सात महीनों के भीतर ही सुनवाई पूरी करके और फैसला सुनाकर त्वरित न्याय की एक मिसाल कायम की है.
शराब पीने की आदी थी पत्नी
बताया जा रहा है कि आरोपी भैयालाल बैगा अपनी पत्नी रामकली बैगा की आदतों से लंबे समय से परेशान था. आरोप है कि उसकी पत्नी को शराब की लत थी और वह घर के कामों में कोई दिलचस्पी नहीं लेती थी, इन्हीं बातों की वजह से दोनों पति-पत्नी के बीच अक्सर तनाव बना रहता था.
