मध्यप्रदेश:- विधानसभा में सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह था, लेकिन विधानसभा सत्र के पहले ही दिन विवाद सामने आया है. ये विवाद विधानसभा स्पीकर की कुर्सी के पीछे लगी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर हटाने पर शुरू हुआ. कांग्रेसियों ने अब तस्वीर को वापस लगाने को लेकर मुहिम छेड़ दी है.
दरअसल, विधानसभा के सदन में स्पीकर के बैठने वाली कुर्सी के पीछे जहां पहले प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर लगी थी, वहां आज संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगी थी. जिसे लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है.
कांग्रेस ने दी चेतावनी
विधानसभा स्पीकर के दाएं तरफ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर अभी भी लगी है, जबकि बाएं तरफ अब नेहरू की जगह डॉ. अंबेडकर की तस्वीर लगी है. इस बदलाव पर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए पंडित नेहरू की तस्वीर दोबारा लगाने की मांग की है, और चेतावनी दी है कि कांग्रेस विधायक वहां दोबारा तस्वीर लगाएंगे.
भाजपा लोकतंत्र की दुश्मन है
कमलनाथ के मीडिया प्रभारी पीयूष बबेले ने इसे लेकर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए भाजपा पर हमला बोला है. उन्होंने लिखा, “मध्य प्रदेश विधानसभा से राष्ट्रनिर्माता पंडित जवाहरलाल नेहरू की यह पेंटिंग हटा दी गई. इस तरह भाजपा ने अपने नैतिक पतन का एक और नग्न नृत्य किया. अपने पाप को छुपाने के लिए बाबा साहेब की पेंटिंग लगाई. अगर नियत साफ़ होती तो बाबा साहेब को राष्ट्रपिता और राष्ट्रनिर्माता के बीच में या उचित सम्मानित स्थान पर भी लगा सकते थे.
