छत्तीसगढ़:– जिले में बीती रात अंधड़-बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की रबी सीजन की खड़ी फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। प्रभावित किसान शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
महासमुंद मुख्यालय से सटे आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों ( कौंदकेरा, मुस्की, बनसिवनी, कांपा, गोपालपुर, सोरिद, परसदा (ब) आदि ) में खेतों में खड़ी धान गिरने और खेतों में पानी भरने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसी गांव में 50 एकड़, कहीं 30 एकड़ तो कहीं 40 एकड़ में लगे रबी सीजन के धान की फसल पर असर पड़ा है। रेघा पर खेत लेकर खेती करने वाले किसानों की कमर टूट गई है। योगेश्वर चन्द्राकर, मुरली चन्द्राकर, नारायण ध्रुव समेत अन्य किसानों का कहना है कि हमारी धान की फसल तैयार थी। एक दो दिनों में फसल की कटाई करनी थी पर अचानक आई अंधड़-बारिश से आधा से ज्यादा फसल बर्बाद हो गई है। ऐसे में क्या मालिक को देंगे, क्या खाद-बीज का पैसा देगे समझ में नहीं आ रहा है।
कोमाखान क्षेत्र में हुई सबसे ज्यादा बारिश
बता दें कि बीती रात महासमुंद जिले के 06 तहसीलों में औसतन 17.3 मिमी बारिश हुई है। महासमुंद में 22 मिमी, बागबाहरा में 25 मिमी, पिथौरा में 10.1 मिमी, बसना में 12.6 मिमी, सरायपाली में 2 मिमी एवं कोमाखान में 32.6 मिमी बारिश हुई है।
दो दिन और बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इससे पहले मंगलवार देर शाम रायपुर, भिलाई, कोरबा और रायगढ़ में तेज बारिश हुई। कांकेर के चारामा में तेज बारिश से नेशनल हाईवे 30 पर पानी भर गया। इस दौरान कुछ घंटे के लिए बिजली बंद रही। वहीं बारिश से पिछले 24 घंटे में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।
