नई दिल्ली:– लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जिसे शरीर का रसायन शाला भी कहा जाता है। यह शरीर के अंदर कई महत्वपूर्ण काम करता है। लिवर पित्त बनाता है जो वसा को पचाने में मदद करता है। लिवर शरीर में अतिरिक्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में स्टोर करता है और जब शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है तो इसे वापस ग्लूकोज में बदल देता है।
लिवर शरीर में प्रवेश करने वाले कई विषाक्त पदार्थों को हानिरहित बनाता है और उन्हें शरीर से बाहर निकालता है। यह कई प्रकार के प्रोटीन का उत्पादन करता है जो रक्त के थक्के बनाने, दवाओं को तोड़ने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। लिवर हार्मोन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।
शराब का सीधा असर लिवर पर पड़ता है, इससे फैटी लिवर की बीमारी हो जाती है। शराब पीने से लिवर की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और सिरोसिस हो सकता है। सिरोसिस एक गंभीर बीमारी है और इसका इलाज मुश्किल होता है। शराब पीने से लिवर कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शराब के अलावा भी कई चीजें लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।
हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार बहुत ज्यादा तली-भुनी चीजें, जंक फूड और मीठा खाने से लिवर में चर्बी जमा हो सकती है, जिससे फैटी लिवर की बीमारी हो सकती है। अगर आपको अपने लिवर को स्वस्थ रखना है, तो आपको इन चीजों से तौबा कर लेनी चाहिए।
प्रोसेस्ड फूड में कई तरह के केमिकल होते हैं जो लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आपको पनीर, डिब्बाबंद सब्ज़ियां, ब्रेड, पेस्ट्री, पाई, केक, सॉसेज रोल और इस तरह की चने चीजों के सेवन से बचना चाहिए। हेपेटोटॉक्सिक दवाएं लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए।
अधिक मात्रा में शुगर के सेवन से मोटापा और डायबिटीज के अलावा लिवर की बीमारियां क्कर युक्त पेय और खाद्य पदार्थ खाने से भी लिवर पर बोझ पड़ता है और यह बीमार हो सकता है।
हेपेटाइटिस: मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल आदि की वजह से हेपेटाइटिस हो सकता है।
विटामिन और मिनरल्स की कमी: कुछ विटामिन और मिनरल्स की कमी से भी लिवर की बीमारी हो सकती है।
वातावरण प्रदूषण: हवा और पानी में मौजूद प्रदूषक तत्व भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हेपेटाइटिस बी और सी: ये वायरस लिवर की सूजन का कारण बन सकते हैं और लंबे समय तक रहने पर लिवर कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।
नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज इसका कारण अक्सर मोटापा होता है।
बैलेंस डाइट लें: फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और कम वसा वाले प्रोटीन से भरपूर आहार लें।
शराब का सेवन कम करें: शराब का सेवन कम से कम करें या बिल्कुल बंद कर दें।
वजन कंट्रोल करें: स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम करें।
हेपेटाइटिस के टीके लगवाएं: हेपेटाइटिस बी और सी के टीके लगवाएं।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: तनाव कम करें, पर्याप्त नींद लें और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
