*मध्यप्रदेश:-* वास्तु शास्त्र ऊर्जा पर आधारित है. वास्तु के अनुसार घर में रखे हर चीज औऱ उसकी दिशा में एक ऊर्जा होती है. इसका प्रभाव घर के सदस्यों पर पड़ता है. सकारात्मक ऊर्जा घर में सुख-समृद्धि लाती है जबकि नकारात्मक ऊर्जा जीवन में कई तरह की परेशानियां लेकर आती है. घर में कई ऐसी जगहें हैं जिनका वास्तु के हिसाब से पालन ना किया जाए तो वास्तु दोष लगता है. वास्तु शास्त्र में सीढ़ियों के नीचे कुछ चीजें रखने की मनाही है. सीढ़ियों के नीचे कुछ खास चीजें रखने से वास्तु दोष लगता है और घर में कंगाली आती है. आइए जानते हैं सीढ़ियों के नीचे कौन-कौन सी चीजें नहीं रखनी चाहिए.*सीढ़ियों के नीचे नहीं रखनी चाहिए ये चीजें*अक्सर लोग सीढ़ियों के नीचे जूते-चप्पल रखते हैं जिसे वास्तु शास्त्र में गलत माना गया है. कभी भी सीढ़ियों के नीचे जूते-चप्पल की अलमारी नहीं रखनी चाहिए. वास्तु शास्त्र के मुताबिक सीढ़ियों के नीचे जूते-चप्पल रखने से घर में कंगाली आती है.सीढ़ियों के नीचे नल नहीं लगवाना चाहिए. माना जाता है कि इससे आर्थिक नुकसान होता है. अगर नल लगा भी है तो इस बात का खास ध्यान रखें कि उससे पानी लीक न हो, क्योंकि वास्तु में पानी का बहना पैसा बहने के समान होता है.कभी भी सीढ़ियों के नीचे कूड़ा और डस्टबिन नहीं रखना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से घर में वास्तु दोष लगता है. इसकी वजह से घर के सदस्यों में मनमुटाव बना रहता है और तनाव बढ़ता है.सीढ़ियों के नीचे भूलकर भी पूजाघर, बाथरूम और किचन नहीं बनवाना चाहिए. ऐसा करने से घर में वास्तु दोष लगता है और सुख-शांति का अभाव होता है. सीढ़ियों की साफ-सफाई हर दिन होनी चाहिए. कभी भी गंदी सीढ़ी नहीं रखनी चाहिए. इससे घर में नकारात्मकता आती है. सीढ़ियों के ऊपर कभी भी अंधेरा ना रखना चाहिए. सीढ़ियों पर रोशनी ऐसी रखनी चाहिए जो कि ना बहुत तेज हो और ना बहुत हल्की.सीढ़ियों की दिशा का भी ध्यान रखना जरूरी है. सीढ़ियां घर के दक्षिण दिशा की तरफ नहीं होनी चाहिए. माना जाता है कि इस दिशा में बनी सीढ़ी घर की तरक्की में रुकावट लाती है. सीढ़ियों की सही दिशा उत्तर से पश्चिम की तरफ होनी चाहिए.सीढ़ियों को हमेशा विषम संख्या में रखना चाहिए. ऐसा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं. सीढ़ियों के नीचे रोजाना इस्तेमाल में आने वाले कमरे नहीं बनवाने चाहिए. वास्तु शास्त्र में इसे अनुचित माना गया है. इस दिशा में गहने पैसे की अलमारी नहीं रखनी चाहिए।
