मध्यप्रदेश:– शहर में यातायात से जुड़ी समस्याओं के कारण रोजाना शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मुख्य मार्गो से लेकर शहर की गलियों तक जाम की स्थिति बन रही है। यातायात प्रबंधन पुलिस द्वारा व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर – 7049107620 जारी किया गया है। इसमें अब तक ट्रैफिक जाम व अन्य समस्याओं को लेकर 2882 नागरिक शिकायतें कर चुके हैं।
लोगों ने बताया कि सुबह से शाम तक शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर के प्रमुख चौराहों पर तो जाने से अब बचने लगे हैं। प्रशासन द्वारा दावें किए जाते हैं, लेकिन पुरा शहर बिगड़ैल यातायात व्यवस्था से परेशान हैं।
अधिकारी बोले- शिकायतों का त्वरित निराकरण कर रहे हैं
अधिकारियों ने बताया कि आने वाली शिकायतों पर त्वरित निराकरण किया जा रहा है। यदि शिकायतें अन्य विभाग से जुड़ी होने पर ट्रैफिक पुलिस टीम द्वारा शिकायत की पुष्टि उपरांत जानकारी अन्य विभागों की ओर अग्रेषित भी की जा रही है।
2882 में से 2865 शिकायतों का निराकरण किया
यातायात पुलिस की व्हाट्सएप हेल्पलाइन शुरू होने से लेकर कल तक कुल 2882 शिकायत प्राप्त हुई जिनमे से 2865 शिकायतो का निराकरण किया गया है। इन शिकायतों में उल्लेखित समस्याओं पर वाट्सएप हेल्पलाइन टीम द्वारा ट्रैफिक वायरलेस कंट्रोल, वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाकर यातायात बिट, थाना क्षेत्र में लगी पेट्रोलिंग, व्हील लाक टीम को सूचना देकर कार्रवाई कर समाधान किया गया।
नियमों का उल्लंधन करने पर 449 बसों पर कार्रवाई
इंदौर। यातायात पुलिस द्वारा आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोक परिवहन बसों का विशेष चैकिंग एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। 21 से 27 मई तक यह अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के दौरान यात्री बसों के दस्तावेजों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 449 बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने बताया कि चैकिंग के दौरान जिन बसों में फायर सेफ्टी उपकरण, फर्स्ट एड बाक्स उपलब्ध नहीं पाए गए, अनाधिकृत स्थानों से सवारी चढ़ाने-उतारने, बिना वैध लाइसेंस वाहन संचालन, बसों में अवैध माडिफिकेशन तथा इमरजेंसी एग्जिट सही स्थिति में नहीं मिलने जैसी कमियां पाई गई। इसके अलावा बसों के आरसी, परमिट, फिटनेस, बीमा, चालक लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई। यातायात पुलिस द्वारा बस चालकों एवं संचालकों को यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, ओवरलोडिंग से बचने तथा यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की समझाइश भी दी गई।
