मध्य प्रदेश :- दमोह जिले को सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि दमोह-कटनी और दमोह-सागर मार्ग को फोरलेन बनाने की मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान दमोह लोकसभा क्षेत्र के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों ने विकास योजनाओं के लिए उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से बुंदेलखंड में व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
दमोह-सागर मार्ग पर 2000 करोड़ होंगे खर्च
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि दमोह-सागर के बीच मौजूदा 76.83 किलोमीटर लंबे मार्ग को लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाया जाएगा। परियोजना के तहत चार बायपास भी तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा मड़ियादो-रजपुरा और मड़ियादो-बनार-किशनगढ़ मार्गों का निर्माण किया जाएगा। दमोह-बांदकपुर मार्ग सहित तीन रेलवे ओवरब्रिज का काम भी जल्द पूरा करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कें किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों के लिए आवागमन आसान बनाती हैं। इससे निवेश, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलती है।
337 करोड़ की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज
दमोह जिले में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, जिले में 337.30 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज की शुरुआत होने जा रही है। वहीं, जिले के छह विकासखंडों में सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और जल जीवन मिशन के माध्यम से भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। करीब 280 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन सिंचाई परियोजनाओं का काम भी जारी है।
देव श्री जागेश्वर नाथ लोक से बढ़ेगा पर्यटन
मुख्यमंत्री ने बताया कि बांदकपुर में देव श्री जागेश्वर नाथ लोक के प्रथम चरण का निर्माण 10 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसके अलावा रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय को नया स्वरूप देने के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नौरादेही स्थित वीरांगना अवंतीबाई लोधी राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का रहवास विकसित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में पर्यटन, कृषि, व्यापार और उद्योग की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य बेहतर बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत करना और आम नागरिकों तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
