कोंडागांव:- जिले में तीन दिनों तक हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. खेतों से लेकर नदी-नालों तक पानी का सैलाब नजर आया. इसी दौरान एक किसान की खेत के नाले में बहने से मौत हो गई. वहीं हजारों एकड़ में फसलें पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है.
हालांकि अब मौसम साफ होने लगा है और लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन नदी-नालों का जलस्तर अभी भी चिंता बढ़ा रहा है. 48 घंटे की लगातार मूसलाधार बारिश के बाद अब आसमान साफ होता नजर आ रहा है. बारिश थमने के बाद लोग धीरे-धीरे अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट रहे हैं, लेकिन मुसीबत अभी पूरी तरह टली नहीं है. नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. कई इलाकों में नदियों का पानी खेतों तक पहुंच गया है. खेत पूरी तरह जलमग्न हैं और खड़ी फसलें पानी में डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
प्रशासन अलर्ट
इस बारिश के बीच एक किसान की खेत के नाले में बहने से मौत हो गई. हादसे ने इलाके में मातम पसार दिया है. वहीं निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को घर खाली करवाकर सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाया है. बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रशासन ने राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में शामिल होने जा रहे बच्चों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी. जांजगीर और सरगुजा संभाग से प्रतियोगिता के लिए निकले बच्चों को रास्ते में रोककर कोंडागांव में ही सुरक्षित ठहराया गया, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके. लोगों ने ली राहत का सांस
बारिश थम चुकी है, लेकिन तस्वीरें बता रही हैं कि मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई है. सामने खेतों में भरा पानी किसानों की चिंता बढ़ा रहा है. नदी-नालों का जलस्तर भी अभी सामान्य नहीं हुआ है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक पानी कम होगा और किसानों की बर्बाद फसलों का आकलन कब शुरू होगा. फिलहाल मौसम साफ होने से लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन नदी-नालों का बढ़ता जलस्तर और खेतों में भरा पानी अब भी चुनौती बना हुआ है.
