मध्यप्रदेश:– शहडोल में पिछले पांच दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते बाणसागर बांध लबालब भर गया जिसके चलते सोमवार की दाेपहर एक बजे बांध के पहले दो गेट खोले गए इससे कुछ देर बाद ही एक गेट और खोल दिया गया। सोमवार को बांध में 341 मीटर पानी का भराव सुबह आठ बजे दर्ज किया गया। इसके बाद दोपहर एक बजे पानी का भराव 341.06 मीटर तक दर्ज किया गया। इसके बाद निर्णय लिया गया कि बांध का पानी छोडा जाए जिसके बाद दोपहर एक बजे पहले दो गेट फिर कुछ देर बाद एक और गेट डेढ़ डेढ़ मीटर खोल दिया गया। बांध के जलभराव की क्षमता 341.64 मीटर है।
24 घंटे पहले जारी किया था अलर्ट
बांध के गेट खोलने के 24 घंटे पहले ही बाणसागर परियोजना के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और शहडोल जिलों में अलर्ट जारी किया। इसके साथ ही सोन नदी के किनारे बसे गांवों और बस्तियों में ढोल पीटकर मुनादी कराई गई ताकि लोग सतर्क हो सकें। सोमवार को सायरन बजाकर लोगों को गेट खोले जाने की जानकारी दी गई थी।यहां के अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर नियंत्रित रखा जा सके और किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके इसके चलते गेट खोलने का निर्णय लिया गया।
अब तक जिले में बारिश की स्थिति
केंद्र वर्षा
सोहागपुर 749 मिमी
बुढार 707 मिमी
गोहपारू 774 मिमी
जैतपुर 1076 मिमी
चन्नौडी 667 मिमी
ब्यौहारी 1079 मिमी
जयसिंहनगर 948 मिमी
कुल वर्षा 6000 मिमी
औसत वर्षा 857 मिमी
सोमवार को शाम चार बजे से तेज बरसात
पिछले पांच दिनों से लगातार बरसात होती रही। सोमवार को शाम चार बजे से तेज बरसात शुरू हो गई। सुबह हल्की वर्षा हुई इसके बाद दोपहर डेढ बजे भी रिमझिम हुआ लेकिन शाम को तेज बरसात होने लगी। हालांकि घने बादल आते जाते रहे और सुबह कुछ समय के लिए तेज धूप भी निकली। नदी नालों में पानी का बहाव देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्राें मे बरसात के चलते कच्चे मकानों के गिरने का क्रम शुरू है तो वहीं कोयला खदानों में पानी भरा हुआ है।
बंगवार रोड में स्थित बघईया नाला टूटा
धनपुरी में 10 घंटे की बारिश ने धनपुरी नगर के अंदर जिस तरह से नुकसान पहुंचा है अब उसकी तस्वीर जगह.जगह देखी जा सकती है । पहले जहां करोड़ों रुपए की लागत से बघईया नाला में बनाए जाने वाला स्टाप डैम बह गया तो शाम होते.होते यहीं पर पास में मौजूद बंगवार रोड में पुल के पास की सड़क धंस जाने से आसपास के कई गांव का संपर्क यहां से टूट गया।
सड़क को पूरी तरह से बंद करवा दिया
जैसे इस घटना की जानकारी शाम होते ही कालरी के अधिकारियों को लगी वह मौके पर पहुंचकर सड़क को पूरी तरह से बंद करवा दिया ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना घटित ना हो।देखा जा रहा है भारी नुकसानबारिश के कारण यहां पर भी नुकसान देखने को मिला यह मार्ग जो की काफी व्यस्त मार्ग में माना जाता है ऐसे में इस मार्ग से पूरी तरह से आवागमन बंद हो गया है।
स्थानीय प्रशासन ने यहां पर सुरक्षा बढ़ाई
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन के द्वारा विशेष रूप से यहां पर सुरक्षा बढ़ाई है।धनपुरी बंगवार मार्ग पर स्थित यह पुल जहां पर की रोड धस गई है वहां से पूरे दिन रात आवागमन होता है और यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण भी माना जाता है ।बरसात के कारण यहां पर जो नुकसान हुआ है उस लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है दूसरी तरफ अगर देखा जाए तो इस सड़क मार्ग के बंद हो जाने से एसईसीएल सोहागपुर एरिया प्रबंधन की भी चिंता बढ़ी है क्योंकि कर भूमिगत खदानों का कोयला ट्रांसपोर्ट के जरिए इसी मार्ग से होते हुए सायडिंग पहुंचता है।
कुछ दिन लग सकते हैं रास्ता खोले जाने में
रास्ता खोले जाने में लगेगा समय सड़क शुरू करने की दिशा में काम भी शुरू कर दिया गया है लेकिन अभी इसमें कुछ दिन लग सकते हैं ऐसे में लोगों को लंबी दूरी तय करके अपना आवागमन करना पड़ेगा।बारिश के कारण जहां पर सड़क धंसी है वहां पर तस्वीर में भी नुकसान का देखा जा सकता है और नाला होने के कारण इस मार्ग से आवा गवन भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।शाम के समय पर अचानक जब सड़क धंसी तो तत्काल इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई और जानकारी मिलते ही मौके पर अधिकारी पहुंचकर सड़क पर से आवागमन को पहले बंद करवाया और फिर मिट्टी डालकर इस स्थान को सुरक्षित किया।
अमलाई ओपन कास्ट में भारी बारिश के कारण खदान हुई जलमग्न
-पानी निकालने को लेकर युद्ध स्तर पर किया जा रहा कार्य। -खदान में फंसे चार कर्मचारियों को भी सुरक्षित निकाला गया।फोटो बरसात के पानी से जलमग्न हुई अमलाई कोयला खदान। नईदुनिया न्यूज धनपुरी: मूसलाधार बारिश ने पूरे कोयलांचल में तबाही मचाई।
क्षेत्र का 60 प्रतिशत उत्पादन अमलाई ओसीएम पर निर्भर
अमलाई ओपन कास्ट माइंस सोहागपुर क्षेत्र में उत्पादन के मामले में अपना एक अलग दबदबा रखता है और पूरे क्षेत्र का 60 प्रतिशत उत्पादन अमलाई ओसीएम पर निर्भर रहता है। किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी की काले-काले बादल का रौद्र रूप और मूसलाधार बारिश का रुख नदी नाले के तूफान लिए अमलाई ओसम की तरफ दीवार को तोड़ता हुआ घुस जाएगा।
पानी का सैलाब भी उसे तोड़ नहीं पाता था
ओसीएम सबस्टेशन के बगल में संगमा की पुलिया व नाला का निर्माण किया गया है जो कि हमेशा अमलाई ओसम के अस्तित्व के लिए चुनौती देता रहता है ।प्रबंधन ने विगत कई वर्षों से इस नाले को गहरा करके और दीवारों को मजबूत करके इसे खतरे को टाला था , जोकि हर वर्ष नाला उफनाता तो है, लेकिन इसकी दीवारें इतनी मजबूत रहीं हैं कि पानी का सैलाब भी उसे तोड़ नहीं पाता था।
खदान में उत्पादन का पहिया थोड़ा मंद पड़ा
रात को ढाई बजे जब खदान में उत्पादन का पहिया थोड़ा मंद पड़ा हुआ था उसी समय नाला का पानी बैरिकेड को तोड़ते हुए सीधे अमलाई ओपन कास्ट माइंस के आउटसोर्सिंग पैच पर तेजी के साथ घुसने लगा जिससे अफरा तफरी मच गई ।लोगों ने यहां वहां भाग कर ऊंचाइयों पर पहुंचकर अपने को सुरक्षित किया ।लेकिन चालक विहीन मशीन जरूर पानी के सैलाब में फंस गई और उसे क्षति पहुंची है। पावर अवरुद्ध हो जाने के कारण पंप पानी निकासी का कार्य बंद हो गया और पानी का वेग इतना ज्यादा था कि उसने एक पोनटुन को पलटा दिया जिससे पंप मोटर सेट भी डूब गया।
रेस्क्यू टीम और एसडीआरएफ की टीम ने सकुशल निकाला
कुछ श्रमिकों को इस जल सैलाब में फंसे होने की सूचना महाप्रबंधक पी श्री कृष्णा को जैसे ही मिली, पूरा सुरक्षा दस्ता महाप्रबंधक के नेतृत्व में अमलाई ओपन कास्ट माइंस में पहुंच गया। उप क्षेत्रीय प्रबंधक पी रमन्ना और खदान के अन्य अधिकारी और कर्मचारी ने जल भराब रोकने के लिए व्यापक प्रबंध किए और पानी की तेज रफ्तार जो खदान के अंदर जा रहा था उसे बंद किया।
चार लोग जिनके फंसे होने की आशंका
उनको सकुशल रेस्क्यू टीम और एसडीआरएफ की टीम ने सकुशल निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इनमें से रमेश चतुर्वेदी ओवरमैन ,अनिल कोल माइनिंग सरदार, दिनमान प्रगति इंडियन रोडलाइंस और बहादुर चेन्नई राधा के कर्मचारी शामिल रहे। महाप्रबंधक पी श्री कृष्णा को जैसी इस घटना की सूचना मिली वह तुरंत अमलाई ओपन कास्ट माइंस पहुंचे और बचाव कार्य करने वालों की हौसला अफजाई की।
बोडरी से सिंहपुर मार्ग पर कभी भी हो सकती दुर्घटना
बोड़री से सिंहपुर मार्ग के बीच कटहा नाला का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है।बीते दिनों हुई तेज वर्षा के कारण पुल पानी में डूब गया था और इसी दौरान क्षतिग्रस्त हो गया है।इस पुल को पार करके शहडोल ,जोधपुर ,पड़मिनया सिंहपुर होते हुए बोड़री से खैरहा, राजेंद्रा,दामिनी कोलमाइंस के कर्मचारी हर एक दिन आते-जाते है। छोटे-बड़े सभी तरह के वाहन भी यहां से दिन रात निकलते है।वर्षा के कारण पुल के ऊपर अत्यधिक पानी का बहाव होने से पुल क्षतिग्रस्त हो गया है।
