नई दिल्ली:– हमारा शरीर रोजाना अनहेल्दी फूड, प्रीजर्वेटिव्स और पेस्टिसाइडस के संपर्क में आता है, जो सेहत कई तरीकों से नुकसान पहुंचाता है। इससे बचने के लिए शरीर को समय-समय पर डिटॉक्स करना जरूरी होता है।
बॉडी में टॉक्सिन के जमा होने से वजन बढ़ना, इम्युनिटी का कमजोर होना और बार-बार बीमार पड़ सकते हैं। नियमित तौर पर बॉडी को डिटॉक्स करने से शरीर का इम्यून सिस्टम मज़बूत रहता है।
बॉडी डिट्क्स क्यों जरूरी है
मॉडर्न लाइफ स्टाइल में दिनों दिन बढ़ रही आधुनिकता के कारण पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। इससे हम हर वक्त प्रदूषण की चपेट में रहते हैं, जिसका असर हमारे ओवर ऑल हेल्थ पर पड़ता है। हवा, पानी से लेकर हमारा खाना तक, कुछ भी ऐसा नहीं है, जो पॉल्यूशन फ्री हो।
इससे शरीर में टिशूज़ और सेल्स में टॉक्सिक पदार्थ बढ़ने लगते हैं, जो वजन बढ़ने से लेकर जोड़ों में दर्द और खराब मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देते हैं। इससे स्ट्रेस लेवल भी बढ़ता है और हमारी स्किन को भी नुकसान पहुंचाता है।
इन 5 तरीकों से कर सकते हैं बॉडी डिटॉक्स
तुलसी की चाय
जर्नल ऑफ आयुर्वेदा एंड इंटीग्रेटिव मेडिसिन के अनुसार तुलसी शरीर को अंदरूनी तौर पर मज़बूत बनाती है और बॉडी में जमा टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंटस शरीर को मौसमी बीमारियों से बचाते है। तुलसी का चाय मेंटल हेल्थ और गट को भी स्वस्थ रखता है। तुलसी की पत्तियों को पानी में उबालकर पीने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।
दही
दही एक फर्मेंटेंड फूड है, जिसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं। दही को अपनी मील में एड करने से डाइजेशन सही रहता है। इसमें मौजूद हेल्दी बैक्टीरिया गट हेल्थ को मज़बूत बनाते है, जिससे ब्लोटिंग, कब्ज और पेट दर्द से राहत मिलती है। साथ ही इससे बॉडी आसानी से डिटॉक्स हो पाती है। इसे आप लस्सी, रायता और स्मूदी के रूप में अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसे खाने से हड्डियों और दांतों को ताकत मिलती है। इसके अलावा शरीर कई समस्याओं के जोखिम से दूर रहता है।
गुनगुना पानी पिएं
शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए वॉटर इनटेक का नियमित होना आवश्यक है। रोज़ाना गुनगुना पानी पीने से शरीर में मौजूद बैक्टीरिया डिटॉक्स हो जाते हैं। साथ्र ही शरीर में कैलोरीज जमा होने की समस्या से भी बचा जा सकता है। गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीना बेहद गुणकारी होता है। इससे शरीर में बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। गर्म पानी पीने से मेटाबॉलिज्म बढ़ती है। साथ ही गले की खराश व खांसी जैसी समस्याएं भी दूर रहती है। वे लोग जो हल्का गर्म पानी पीते हैं, उनका पाचन सही बना रहता है।
ताजे फल और सब्जियों का सेवन
सही खानपान बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। खुद को हेल्दी बनाए रखने के लिए मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर एक्टिव रहता है और पोषक तत्वों की भी पूर्ति होती है। रोजाना छिलके सहित फलों और कच्ची सब्जियों को खाने से आपकी गट हेल्थ में बैक्टीरिया के पनपने का खतरा भी कम हो जाता है।
शारीरिक गतिविधि भी है जरूरी
रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर में जमा अतिरिक्त कैलोरीज़ बर्न होती हैं। इसके अलावा आपका शरीर हेल्दी और फिट बना रहता है। एक्सरसाइज को नियमित तौर पर अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इससे न केवल डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा कम होता है, बल्कि शरीर में पाए जाने वाले टॉक्सिन भी रिलीज हो जाते हैं, इससे शरीर हेल्दी रहता है।
