नई दिल्ली:- सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा से की गई पूजा, मंत्र जाप और जरूरतमंदों की सहायता से मन को शांति मिलती है। जानिए शिव पूजन की विधि और इस दिन किए जाने वाले सरल उपाय।
हिंदू परंपरा में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन श्रद्धालु शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं, बेलपत्र अर्पित करते हैं और अपने परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। कई लोग सोमवार का व्रत भी रखते हैं। मान्यता है कि भोलेनाथ की पूजा में महंगी सामग्री से अधिक श्रद्धा, सादगी और सच्चे भाव का महत्व होता है।
यदि आप भी सोमवार को भगवान शिव की पूजा करना चाहते हैं, तो घर पर ही सरल तरीके से आराधना कर सकते हैं। शिवलिंग उपलब्ध न होने पर भगवान शिव के चित्र के सामने बैठकर भी प्रार्थना की जा सकती है। इन उपायों को धार्मिक आस्था और आत्मचिंतन का माध्यम समझें; किसी निश्चित परिणाम की गारंटी के रूप में न लें।
- सुबह स्वच्छता के साथ करें दिन की शुरुआत
- सोमवार को सुबह उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल की सफाई करके भगवान शिव का ध्यान करें। सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनना परंपरा में शुभ माना जाता है, लेकिन किसी विशेष रंग के कपड़े होना आवश्यक नहीं है।
पूजा से पहले कुछ क्षण शांत बैठें और दिनभर संयम रखने का संकल्प लें। अपने मन में यह भाव रखें कि किसी से कटु वचन नहीं बोलेंगे और जहां संभव होगा, दूसरों की सहायता करेंगे। पूजा के साथ व्यवहार में सरलता लाना भी इस दिन को सार्थक बनाने का एक तरीका है।
- शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित करें
भगवान शिव की पूजा में जलाभिषेक का विशेष स्थान है। एक साफ पात्र में स्वच्छ जल लेकर शिवलिंग पर धीरे-धीरे अर्पित करें। जल चढ़ाते समय मन ही मन ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप कर सकते हैं।
घर या मंदिर में पूजा करते समय अनावश्यक रूप से अधिक जल बहाने की जरूरत नहीं है। थोड़े से जल और श्रद्धा के साथ भी अभिषेक किया जा सकता है। यदि मंदिर जा रहे हैं, तो वहां की व्यवस्था और पूजा संबंधी नियमों का पालन करें। जलाभिषेक के बाद कुछ देर शांत होकर बैठें और अपने परिवार की मंगलकामना करें।
- बेलपत्र चढ़ाकर करें शिव आराधना
बेलपत्र भगवान शिव की पूजा में प्रमुख रूप से अर्पित किया जाता है। सोमवार को साफ बेलपत्र धोकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। पत्तियों को अनावश्यक रूप से तोड़ने या बड़ी मात्रा में सामग्री जुटाने की आवश्यकता नहीं है।
बेलपत्र अर्पित करते समय मन में अपनी प्रार्थना रखें। परिवार में सुख-शांति, व्यवहार में मधुरता और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की कामना कर सकते हैं। बेलपत्र न मिले तो पूजा अधूरी मानकर परेशान न हों। स्वच्छ जल अर्पित करके और शिव नाम का स्मरण करके भी आराधना की जा सकती है।
- ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का करें जाप
सोमवार को अपनी सुविधा के अनुसार कुछ समय शिव मंत्र के जाप के लिए निकालें। शांत स्थान पर बैठकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का उच्चारण करें। शुरुआत में 11 या 21 बार जाप कर सकते हैं। समय और इच्छा हो तो 108 बार भी जाप किया जा सकता है।
संख्या पूरी करने की जल्दबाजी से अधिक जरूरी है कि आपका ध्यान प्रार्थना पर रहे। मोबाइल और दूसरे व्यवधान कुछ समय के लिए दूर रख दें। प्रत्येक उच्चारण के साथ मन को बार-बार पूजा की ओर लौटाएं। इसे अपनी दिनचर्या में शांत बैठने और आत्मचिंतन करने के अवसर की तरह भी अपना सकते हैं।
- परिवार की सुख-शांति के लिए साथ करें प्रार्थना
घर में अक्सर छोटी बातों पर मतभेद हो जाते हैं। सोमवार को परिवार के सदस्य कुछ समय साथ बैठकर शिव आराधना कर सकते हैं। भगवान शिव और माता पार्वती के सामने आपसी सम्मान, सहयोग और मधुर संबंधों की प्रार्थना करें।
इसके साथ व्यवहार में भी एक छोटा कदम उठाएं। किसी की बात बिना बीच में टोके सुनें, पुराने विवाद को दोहराने से बचें और गलती होने पर उसे स्वीकार करें। धार्मिक अनुष्ठान के साथ बातचीत और समझदारी भी संबंधों को संभालने में अहम भूमिका निभाती है।
- कामकाज में सफलता के लिए लें मेहनत का संकल्प
यदि किसी काम में बार-बार बाधा आ रही है या मन नहीं लग रहा है, तो सोमवार की पूजा के दौरान धैर्य और एकाग्रता की प्रार्थना करें। भगवान शिव के सामने अपने लक्ष्य को याद करें और उसे पूरा करने के लिए नियमित प्रयास करने का संकल्प लें।
