नई दिल्ली
साल 2023 का सावन बेहद खास है। इस बार पूरे 19 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है कि अधिक मास या मलेमास के कारण इस बार सावन कुल 59 दिनों का हो रहा है जिसमें कुल 8 सोमवार व्रत रखे जा रहे हैं।आज 7 अगस्त को सावन का पांचवा और अधिक मार्च का तीसरा सोमवार व्रत रखा जाएगा। इस दौरान पूजा के कई शुभ योग भी बन रहे हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त
अधिक मास के तीसरे सोमवार को सप्तमी तिथि है जो अश्विनी नक्षत्र में पड़ रहा है। इस दौरान पूजा करने का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 10 मिनट तक है। जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 53 मिनट से 3 बजकर 45 मिनट तक है। इसके अलावा गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक है।
बनेगा शुभ योग
बता दें कि अधिक मास के तीसरे सोमवार व्रत के दिन रवि योग रहेगा। इस दिन सूर्य और गुरु के एक-दूसरे के नजदीक आ जाने से शुभ योग बनेगा। इसके अलावा, वक्री शुक्र ग्रह, चंद्रमा की कर्क राशि में प्रवेश कर जाएगा। इस दिन पूरे विधि विधान से पूजा–अर्चना करने पर भक्तों को महादेव के साथ ही जगत के पालनहार भगवान विष्णु का भी आशीर्वाद मिलेगा।
पूजा- विधि
सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
भगवान शिव का और सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
पुष्प अर्पित करें।
भगवान शिव की आरती करें और भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।
भगवान शिव का अधिक से अधिक ध्यान करें।
