नई दिल्ली। बुधवार को NDMC यानि नई दिल्ली म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन की अहम बैठक हुई। जिसमें बड़ा फैसला लिया गया है। राजपथ का नाम बदलकर अब ‘कर्तव्य पथ’ कर दिया गया है। नाम बदलने को लेकर एनडीएमसी विशेष प्रस्ताव लेकर आई थी। जिसको सर्वसम्मति से पास भी कर दिया गया है। बता दें कि इस मीटिंग की अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री और एनडीएमसी की सदस्य मीनाक्षी लेखी कर रहीं थी। राजपथ का नाम बदले जाने को लेकर उन्होंने मीडिया से बात भी की।
केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाल किले का भाषण सुनिए, कैबिनेट मीटिंग पर गौर करिए तो आपको पता लगेगा नाम क्यों बदला गया। राजपथ को अंग्रेजों ने बनाया, जिसका नाम किंग्सवे था। दूसरी तरफ जो सड़क थी वो जनपथ है, जिसे पहले किंग्सवे कहा जाता था। किंग्सवे का नाम बदलकर तो जनपथ कर दिया गया, लेकिन राजपथ किंग्सवे का ही अनुवाद रहा। जनपथ का नाम बदल दिया गया तो राजपथ का नाम क्यों नहीं बदला गया?
आजादी के बाद हमने लोकतंत्र का रास्ता चुना, लेकिन इसके बाद भी नेता का भाव सेवक की बजाए शासक का रहा। आज पीएम नरेंद्र मोदी ने नव निर्माण किया. हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय मे हमारी प्रेरणा क्या होनी चाहिए है? देश की स्वतंत्रता के बाद से हम कर्तव्य बोध से हट कर अधिकार में पहुंच गए। हम सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अधिकार समझने लगे। ऐसे में कर्तव्य का बोध रहे इसलिए ऐसा किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि हम सिर्फ नाम नहीं बदल रहे हम तो लोगों के लिए आयुष्मान भारत, जनधन बैंक अकाउंट और उज्ज्वला गैस योजना लेकर आए। देश में जितना काम 70 सालों में नहीं हुआ हमने पांच साल में कर दिया।
एनडीएमसी के वाइस चेयरमैन सतीश उपाध्याय ने बताया कि नाम एनडीएमसी एक्ट के सेक्शन 11 के तहत कोई भी नाम रख या बदल सकते हैं। साल 1975 का केंद्र सरकार का डायरेक्टिव है कि नाम बदलना होगा तो केंद्र सरकार के परामर्श के आधार पर कर सकते हैं। नाम बदलने का प्रस्ताव हमें शहरी विकास मंत्रालय ने भेजा था।