भिलाई, 21 जनवरी । नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बीएसएफ की सुरक्षा के प्रति ग्रामीणों का विश्वास बढ़ा है। अब नक्सल प्रभावित सुदूर गांवों में बीएसएफ ने ग्रामीणों का विश्वास जीतने में सफलता पाई है। यह कहना है बीएसएफ के डीआईजी सुमेंदर सिंह दबास का। उन्होंने आज बीएसएफ मुख्यालय भिलाई में पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी 2013 को मुख्यालय के निर्देशानुसार सीमात मुख्यालय महानिरीक्षक (स्पेशल ऑस) छत्तीसगढ़ के रूप में गठन किया गया और दिनांक 7 फरवरी 2013 को प्रभावी रूप से कार्य करना प्रारंभ कर दिया गया।
सीमांत मुख्यालय महानिरीक्षक (स्पेशल ऑप्स) छत्तीसगढ़ में सीमांत मुख्यालय महानिरीक्षक (स्पेशल ऑप्स) बैंगलोर से संचालन की जिम्मेदारी सभाली, जिसे अब भुवनेश्वर (ओडिशा) में स्थानांतरित कर दिया गया है। वर्तमान में सीमांत मुख्यालय महानिरीक्षक (स्पेशल ऑप्स) छत्तीसगढ़ के अंतर्गत 02 क्षेत्रीय मुख्यालय भिलाई एवं दुर्ग और 8 वाहनियों तैनात है। वर्ष 2009 में छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान के लिए सीमा सुरक्षा बल को कांकेर जिला में तैनात किया गया। कांकेर के संवेदनशील गावों तथा जंगली इलाके में सीमा सुरक्षा बल की टुकड़ियां कई कठिनाईयों से लड़ते हुए तैनात हुई। इन क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बल अपने कर्तव्य को सफलता पूर्वक अंजाम दे रहा है। सीमा सुरक्षा बल अपनी तैनाती के पश्चात अंदरूनी इलाके में कैंप स्थापित कर कर धीरे-धीरे गांव वालों का भरोसा जीतने में कामयाब हुआ जिससे गांव वालों के दिल में सुरक्षा की भावना पैदा हुई है।
डीआईजी सुमेंदर सिंह ने बताया कि अब तक सीमा सुरक्षा बल ने छत्तीसगढ़ में अपने कठिन प्रयासो से कांकेर जिले में सक्रिय 1102 हार्डकोर नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराकर मुख्यधारा में जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़ में तैनाती से अब तक सीमा सुरक्षा बल ने 9 नक्सलियों को मार गिराया। 1082 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और 537 से अधिक आईईडी (जिन्दा बम्ब) की बरामदगी की है। सुरक्षा बलों एवं आम जनता को भारी नुकसान होने से भी बचाया है।
डीआईजी ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल के जवान समाज एवं प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे हैं जिनमें 07 वृक्षारोपण प्रोग्राम वर्ष 2021 में कांकेर के दूरदराज फैले गांव में 40 सिविक एक्शन प्रोग्राम एवं 24 चिकित्सा शिविर के तहत गरीबों एवं स्कूली बच्चों को कुल 52लाख 52 हजार 670 रुपए की जरूरत की चीजे मुहैया कराई हैं। बेरोजगार युवाओं को स्किल डेवलपमेन्ट प्रोग्राम भी चलाया है। उन्होंने बताया कि फोर्स के द्वारा नक्सली उन्मूलन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। सीमा सुरक्षा बल के द्वारा कांकेर एवं दूरस्थ पहले गांव में सात वृहद पैमाने पर पौधारोपण के कार्य 2021 में किए गए हैं।
डीआईजी ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 24 चिकित्सा शिविर 40 सिविक एक्शन प्रोग्राम भी चलाए गए हैं। गरीबों एवं स्कूली बच्चों को करीब 50 लाखों रुपए की की वस्तुएं मुहैया कराई गई। जल संरक्षण की दिशा में भी फोर्स के द्वारा कार्य किए जा रहे हैं इसके पश्चात सोलर एनर्जी का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए भी स्थानीय लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फोर्स देश की सुरक्षा के साथ-साथ देश की उन्नति एवं तरक्की के लिए भी कार्य कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान DIG डॉ. भारती सेन, कमांडेंट प्रभाकर सिंह, कमांडेंट संजय सिंह, पवन बंसल भी उपस्थित थे।