नई दिल्ली:- सांप दुनिया के सबसे खूंखार और खतरनाक जानवरों में से एक हैं. कई सांप तो ऐसे हैं जो काट लें तो इंसान की चंद मिनट में जान जा सकती है. सांप से जुड़ी कई और अनूठी चीजें हैं. मसलन- क्या आपको पता है कि सांप जितने जहरीले होते हैं, उनका खून उतना ही ठंडा होता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक सांप सरीसृप कैटेगरी में आते हैं और ‘कोल्ड ब्लडेड’ यानी ठंडे खून वाले होते हैं. इस कैटेगरी के जानवरों को एक्टोथर्मिक सांप दुनिया के सबसे खूंखार और खतरनाक जानवरों में से एक हैं. कई सांप तो ऐसे हैं जो काट लें तो इंसान की चंद मिनट में जान जा सकती है. सांप से जुड़ी कई और अनूठी चीजें हैं. मसलन- क्या आपको पता है कि सांप जितने जहरीले होते हैं, उनका खून उतना ही ठंडा होता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक सांप सरीसृप कैटेगरी में आते हैं और ‘कोल्ड ब्लडेड’ यानी ठंडे खून वाले होते हैं. इस कैटेगरी के जानवरों को एक्टोथर्मिक कहते हैं. कहते हैं.
किस रंग का होता है सांप का खून
दुनिया भर में सांप की 3700 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं. ज्यादातर सांपों के खून का रंग लाल ही होता है. कुछ प्रजातियां ऐसी भी हैं, जिनके खून का रंग दूधिया नीला या लाइम ग्रीन होता है. नेशनल ज्योग्राफिक के मुताबिक ऐसा पारिस्थितिकी और खान-पान की वजह से होता है.
सांप का खून बर्फ जैसा ठंडा क्यों
तो आखिर सांप का खून ठंडा क्यों होता है? इस सवाल का जवाब जानने से पहले स्तनधारी जीव और सरीसृप के बीच के एक फर्क को समझना जरूरी है. मैमल्स की कैटगरी में आने वाले इंसान और दूसरे जीव, जिन्हें एंडोथर्म्स कहा जाता है, ये गर्म खून वाले होते हैं. ज्यादातर मैमल्स, अपने शरीर का तापमान खुद रेगुलेट कर सकते हैं. यानी सर्दी में गर्मी जेनरेट कर सकते हैं और गर्मी में अपने शरीर को ठंडा रख सकते हैं.
पर सांप, छिपकली, कछुए जैसे कई सरीसृप के साथ ऐसा नहीं है. सांप अपने शरीर को गर्म रखने के लिए खुद गर्मी पैदा नहीं कर सकते, बल्कि आसपास के वातावरण से गर्मी लेते हैं. ज्यादातर सांप जंगल या ऐसी जगहों पर जा रहते हैं, जहां रौशनी मुश्किल से पहुंचती है और तापमान कम रहता है. आसपास का वातावरण भी गर्म नहीं होता, ऐसे में उन्हें पर्याप्त गर्मी नहीं मिल पाती है.
