
नई दिल्ली। दुनिया कई साडी ऐसी चीजें होती है जो हमें हैरान कर देती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर बहुत वायरल हो रही है। इस तस्वीर में पेड़ पर बहुत सारे कान दिखाई दे रहे हैं। खास बात तो ये है कि ये काम कहीं जमीन पर कटा हुआ नहीं बल्कि पेड़ से लटक रहा है। इन तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि कान किस तरह पेड़ से लटके हुए हैं।
दरअसल, पेड़ों से लटकने वाले इस इंसानी ‘कान’ का उपयोग 19वीं और 20वीं सदी में इलाज के लिए भी किया जाने लगा था। असल में यह एक फंगस है। जो यूरोप के पेड़ों पर उगती है। कुछ लोग इसे इंसानी कान वाला मशरूम भी कहते हैं। आमतौर पर इसे जेली इयर नाम से भी पुकारते हैं। यह पूरे यूरोप में उगने वाला एक फंगस है।अपना डीएनए भी बदल लेता है इयर जेलीबताया जाता है कि जेली इयर को 19वीं सदी में कुछ बीमारियों के इलाज में उपयोग किया जाता था।
जैसे कि गले में खराश, आंखों में दर्द और पीलिया जैसी दिक्कतों से राहत दिलाने के लिए इसका उपयोग होता था। इंडोनेशिया में इससे इलाज की शुरुआत 1930 के दशक में हुई थी। यह पूरे साल यूरोप में पाई जाती है। सबसे पहले चीन और पूर्वी एशिया के देशों में इसकी खेती की गई। जिसके बाद फिर ये प्रजाति यूरोप में पहुंच गई। इसकी खास बात ये है कि यह फंगस किसी भी मौसम के हिसाब से खुद को बदल सकता है। इतना ही नहीं ये अपना डीएनए भी बदल लेता है।