नई दिल्ली:– 1 मई को वैशाख पूर्णिमा मनाई जाएगी। यह शुभ तिथि हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों में विशेष महत्व रखती है। इसी तिथि पर महात्मा बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था, इसलिए यह तिथि हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों में विशेष महत्व रखती है।
सुख-शांति के लिए वैशाख पूर्णिमा के दिन क्या करना होता है शुभ ?
हिंदू धर्म ग्रथों में पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी जैसे गंगा, यमुना आदि में स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। इससे शरीर और मन दोनों की शुद्धि होती है।
अगर आपके लिए नदी में जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं, जो फयदायी होता है।
स्नान के बाद साफ-सुथरे सफेद खासकर सफेद रंग के कपड़े पहनें।
अपनी श्रद्धा के अनुसार, आप इस तिथि पर भगवान बुद्ध और भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं।
किन चीजों का दान करना होता है शुभ?
गरीबों व जरूरतमंदों को भोजन
ज्योतिष -शास्त्र के अनुसार, वैशाख या बुद्ध पूर्णिमा पर दान-पुण्य करने के साथ-साथ गरीबों व जरूरतमंदों को भोजन कराने का विशेष महत्व माना गया है।
ठंडी चीजों का दान
धर्म शास्त्रों में , वैशाख पूर्णिमा के दिन ठंडी चीजों का दान करना महापुण्यकारी माना गया है। ऐसे में आप पानी से भरा मिट्टी का घड़ा दान कर सकते हैं। वैशाख पूर्णिमा पर यह दान करने से व्यक्ति को साक्षात ‘गौदान’ (गाय के दान) के समान पुण्य मिलता है।
पंखा, छाता, चप्पल का दान
वैशाख पूर्णिमा के दिन ठंडी चीजों के दान के अलावा, पंखा, छाता, चप्पल का दान करना शुभ होता है। इस दिन अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए आप किसी जरूरतमंद को पंखा, छाता, चप्पल, अन्न और रसीले फलों का दान जरूर करें।
पूर्णिमा की रात क्या करना न भूले
पूर्णिमा की रात चंद्रमा को जल अर्पित करने से साधक को मानसिक शांति, शीतलता और सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देते समय आप “ऊं एं क्लीं सोमाय नम:” मंत्र का जप कर सकते हैं। इसके साथ ही पूर्णिमा की रात को मुख्य द्वार पर दीपक भी जरूर जलाएं। इससे साधक को मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है, जिससे धन संबंधी समस्याओं दूर होती हैं।
