नई दिल्ली:– आज सुबह 6 बजे के आस-पास अखिलेश यादव के भाई और अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की मौत हो गई। प्रतीक संदिग्ध अवस्था में अपने घर के किचन में गिरे पाए गए। ऐसे में डॉक्टर्स की एक टीम उनके घर आई और इसके बाद उनको अस्पताल ले जाया गया।
सबेरे लगभग 4:30 पर प्रतीक यादव के घर से सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रिंस के पास फोन आया था। उनको जानकारी दी गई कि वे बेहोश हो गए हैं। इसके बाद डॉक्टर प्रिंस अपनी टीम के साथ प्रतीक यादव के घर पहुंचते हैं। शरीर में किसी भी तरह की हलचल न होने पर उन्हें आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया। जांच करने के बाद प्रतीक को मृत घोषित कर दिया गया।
प्रतीक के साथ अस्पताल तक कौन आया?
इन सबके बीच सवाल यह उठता है कि प्रतीक की तबीयत जब बिगड़ी तो अपर्णा कहां थीं? प्रतीक को अस्पताल कौन लेकर आया? प्रतीक किस बीमारी से परेशान थे? बताया जा रहा है कि जब प्रतीक की तबीयत खराब हुई तो अपर्णा यादव असम में थीं। वो सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण में शामिल होने गई थीं। जैसे ही उनको पता चला, वो फौरन लखनऊ के लिए रवाना हुईं। प्रतीक यादव को अस्पताल अपर्णा के भाई अमन बिष्ट लेकर पहुंचे। इसके बाद डॉक्टर्स ने उनको मृत घोषित कर दिया। अभी तक मौत की वजह सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम के बाद मामला स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर उनकी मौत कैसे हुई।
प्रतीक यादव किस बीमारी से परेशान थे?
बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव डिप्रेशन में चल रहे थे। इसके साथ ही उनके फेफड़ों में थक्का जम जाने की शिकायत थी। इसके इलाज के लिए प्रतीक विदेश भी गए थे।सपा चीफ और भाई अखिलेश यादव ने बताया कि कभी-कभी घाटा हो जाने पर लोग परेशान हो जाते हैं। अखिलेश के इशारे से लगता है कि प्रतीक किसी नुकसान से परेशान रहे होंगे।
अस्पताल के डॉक्टर्स ने क्या कहा?
लखनऊ के सिविल हॉस्पिटल ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “जब डॉक्टर प्रतीक यादव के घर पर पहुंचे, तो उनके बॉडी में कोई हरकत नहीं हो रही थी। इसके बाद बॉडी को सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया और ब्रॉट डेड बताया गया। बॉडी को सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने रोक लिया क्योंकि सस्पेक्टेड पॉइजिनिंग का मामला लगा। लिहाजा पोस्टमार्टम के लिए केजीएमसी भेजा गया।” अब जब तक प्रतीक यादव की बॉडी का पोस्टमार्टम नहीं हो जाता तब तक कुछ भी कहना संभव नहीं है।
