नई दिल्ली:- आज 8 नवंबर, रविवार को देशभर में दीपावली का पर्व मनाया जा रहा है। इसी के साथ आज कमला जयंती भी मनाई जा रही है। हिंदू मान्यताओं में मां कमला को धन, ऐश्वर्य, सुख और समृद्धि प्रदान करने वाली देवी माना जाता है।
वे दस महाविद्याओं में दसवीं महाविद्या हैं। मां कमला का स्वरूप मां लक्ष्मी से मिलता-जुलता है और उनकी पूजा विशेष रूप से सुख-समृद्धि की कामना के लिए की जाती है। कमला जयंती देवी के इसी दिव्य स्वरूप को समर्पित है। आइए जानते हैं कमला जयंती 2026 का धार्मिक महत्व, मां कमला की पूजा विधि और इस दिन से जुड़ी खास मान्यताएं।
कब है कमला जयंती 2026?
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में कमला जयंती 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। यह पर्व कार्तिक अमावस्या के अवसर पर पड़ रहा है। इस दिन दीपावली का त्योहार भी मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। पूजा के समय में स्थानीय पंचांग के अनुसार अंतर हो सकता है।
कौन हैं मां कमला और क्या है उनका स्वरूप?
मां कमला को कमलात्मिका के नाम से भी जाना जाता है। वे दस महाविद्याओं में दसवीं देवी हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कमला को मां लक्ष्मी का एक विशेष स्वरूप माना जाता है। उनकी प्रतिमा में उन्हें कमल के आसन पर विराजमान दिखाया जाता है। उनके हाथों में कमल के फूल और आसपास हाथियों का चित्रण मिलता है। यह स्वरूप सुख, सौभाग्य, पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
कमला जयंती का धार्मिक महत्व
कमला जयंती का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। मां कमला की आराधना को सुख-समृद्धि, सकारात्मकता और परिवार की खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है। भक्त इस अवसर पर देवी का स्मरण करके जीवन में शांति, संतुलन और खुशहाली की कामना करते हैं। यह पर्व हमें धन के साथ सदाचार और संतोष का महत्व भी समझाता है।
कमला जयंती पर कैसे करें मां की पूजा?
इस दिन सुबह स्नान करके पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। मां कमला की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाएं और देवी को फूल, विशेष रूप से कमल का फूल, फल और मिठाई अर्पित करें। श्रद्धा के साथ मां कमला के मंत्रों का जाप और आरती करें। पूजा के दौरान परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें।
मां कमला की पूजा में किन बातों का रखें ध्यान?
पूजा करते समय स्वच्छता और श्रद्धा का ध्यान रखें। अपनी सामर्थ्य के अनुसार पूजा सामग्री जुटाएं और जरूरतमंदों की सहायता करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दान और सेवा भी शुभ कार्य माने जाते हैं। मां कमला की आराधना को सादगी, सद्भाव और सकारात्मक सोच के साथ संपन्न करें।
