नई दिल्ली:- लेबर ब्यूरो ने सितंबर 2026 के लिए खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं, जिन्हें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) द्वारा ट्रैक किया जाता है। सितंबर में AICPI-IW 155.4 पर पहुंच गया, जो अगस्त के मुकाबले 1 अंक ज्यादा है। अगस्त में यह आंकड़ा 154.50 था। इन आंकड़ों के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या जनवरी 2027 में केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 3 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
यदि ऐसा होता है, तो महंगाई भत्ता 68 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि अगले डीए चक्र का निर्णय जनवरी से दिसंबर 2026 के औसत आंकड़ों के आधार पर लिया जाएगा।
DA पर कैसे लिया जाता है फैसला?
सरकार जब भी डीए बढ़ाने का निर्णय लेती है, तो पिछले 12 महीनों की खुदरा महंगाई दर को आधार बनाया जाता है। उदाहरण के लिए, मौजूदा डीए का फैसला सरकार ने अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के औसत के आधार पर किया। अक्टूबर 2025 में AICPI-IW का आंकड़ा 147.7 था, जो सितंबर 2026 में बढ़कर 155.50 हो गया। इन 12 महीनों का औसत AICPI-IW आंकड़ा 150.50 रहा।
महंगाई भत्ते की गणना के लिए (150.5X2.88)– 261.42}/261.42X100] का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें 150.5 अंक 12 महीनों के औसत AICPI-IW को दर्शाता है, जो 65.81 प्रतिशत होता है। इस कारण इस बार केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
अगली बार कितना बढ़ेगा DA?
अगर आने महीनों में भी AICPI-IW भी 155 से प्लस रहा तो बहुत हद तक डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना रहेगी। लेकिन अगर इसमें गिरावट देखने को मिली तो डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है।
अगर 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता सरकार की तरफ से जनवरी 2026 साइकल में बढ़ाया जाता है तो कुल डीए 68 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं, 2 प्रतिशत के इजाफे के बाद डीए अगली बार 67 प्रतिशत पहुंच सकता है। इनसब पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है।
