नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बीती रात अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में नरमी को देखते हुए डीजल और एटीएफ (जेट ईंधन) पर अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती कर दी है। हालांकि घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर शुल्क बढ़ा दिया है। बता दे कि बीती रात सरकार की तरफ से जारी किए गए नोटिफिकेशन में क्रूड, डीजल और ATF पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स के नए रेट बता दिए गए हैं। ये नया आदेश आज यानी 3 अगस्त से लागू हो गया है।
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बता दे कि भारत ने पहली बार एक जुलाई को अप्रत्याशित कर लाभ लगाया था। इसी के साथ वह उन देशों में शामिल हो गया था, जो ऊर्जा कंपनियों के मुनाफे पर टैक्स लगाते हैं। हालांकि, तब से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट आने लगी है, जिससे तेल उत्पादकों और रिफाइनरी, दोनों के मुनाफे में कमी दर्ज की गई है।
कच्चे तेल पर बढ़ा टैक्स
Fuel Tax Revised: नोटिफिकेशन के मुताबिक घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर टैक्स 17,000 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 17,750 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। लिए गए फैसले से रिफाइनरी कंपनियों को जहां राहत मिली है वहीं झटका भी लगा है। इस तरह ये फैसला इनके लिए मिलाजुला साबित हो सकता है। यह कदम ओएनजीसी और वेदांत लिमिटेड जैसे ऑयल प्रोड्यूसर्स पर असर डाल सकता है।
डीजल, एटीएफ और पेट्रोल पर टैक्स कितना
Fuel Tax Revised: एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, डीजल के एक्सपोर्ट पर टैक्स 11 रुपये से घटाकर पांच रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, तो वहीं एटीएफ या जेट फ्यूल पर जहां 4 रुपये प्रति लीटर का टैक्स लग रहा था अब इसे खत्म करने का फैसला लिया गया है। इसी तरह, पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर जीरो टैक्स जारी रहेगा।