नई दिल्ली :- मान्यता है कि जो कोई अन्न का आदर करते हुए उसे अपने यहां पकाता और खाता है, उसके यहां दिन दोगुनी-रात चौगुनी बरकत होती है. घर में मां अन्नपूर्णा देवी की कृपा हमेशा बरसती रहे और आपके अन्न का भंडार कभी खाली न हो, आइए इसके लिए भोजन पकाने से लेकर खाने का सही नियम और उपाय विस्तार से जानते हैं.
हिंदू मान्यता के अनुसार खाना बनाते समय कुछेक नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है. हिंदू मान्यता के अनुसार भोजन बनाने से पहले आदमी को तन और मन से पवित्र हो जाना चाहिए फिर उसके बाद प्रसन्न मन से भोजन पकाना चाहिए. भोजन को हमेशा शुद्ध जगह पर बनाना चाहिए.
हिंदू मान्यता के अनुसार भोजन करने से पहले अन्न देवता का आभार प्रकट करना चाहिए. इसके लिए शास्त्रों में भोजन मंत्र का पाठ करने को कहा गया है.
हिंदू मान्यता के अनुसार भोजन के दौरान कभी भी अन्न का अपमान नहीं करना चाहिए और खाना हमेशा दाएं हाथ से खाना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार बाएं हाथ से भोजन करने को बड़ा दोष माना गया है.
सनातन परंपरा में किसी भी कार्य को करने के लिए शुभ समय और शुभ दिशा बताई गई है. ऐसे में भोजन को हमेशा सही समय पर सही दिशा में ही करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार पूर्व दिशा को देवताओं की दिशा माना गया है, ऐसे में इसी दिशा में मुख करके भोजन करना शुभ साबित होता है.
यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में अन्न और धन का भंडार बढ़ता ही चला जाए तो आपको इसका हमेशा दान भी करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार अन्न का दान महादान माना गया है. ऐसे में इसे आम आदमी से लेकर पशु-पक्षियों के लिए प्रतिदिन जरूर निकालें.
आदमी को हमेशा तन और मन से पवित्र होकर शांति के साथ भोजन करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार भोजन करते झगड़ा करने पर मां अन्नपूर्णा का अपमान होता है.
हिंदू मान्यता के अनुसार भोजन हमेशा किसी आसन या मेज पर बैठकर करना चाहिए और उतना ही खाना लेना चाहिए जितना कि आप खा सकें. कभी भी थाली में अन्न नहीं छोड़ना चाहिए.
कभी भी न तो बिस्तर पर बैठकर खाना खाना चाहिए और न ही खाने की थाली में हाथ धोना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार ऐसा करने वालों के यहां से धन की देवी मां लक्ष्मी और अन्न की देवी मां अन्नपूर्णा नाराज होकर चली जाती हैं.
