नई दिल्ली:– जैसा कि आप जानते हैं कि बीते कुछ सालों में कोचिंग-ट्यूशन का क्रेज बहुत बढ़ा हैं। पहले ज्यादातर बच्चे 8वीं-9वीं कक्षा के बाद कोचिंग जाया करते थे, लेकिन अब प्राइमरी स्कूल से ही उन्हें ट्यूशन-कोचिंग में भेज दिया जाता है। लेकिन,सच तो यह है कि, मौजूदा वक्त में माता पिता दोनों वर्किंग होने के कारण उनके पास बच्चों को पढ़ाने का वक्त ही नहीं है ऐसे में वह कोचिंग-ट्यूशन के सहारे बच्चों को छोड़ देते हैं।
हालांकि कई बार बच्चे ट्यूशन जाने से भी कतराते हैं, ऐसे में सही तरीके और थोड़ी सी प्लानिंग से आप घर पर ही उन्हें अच्छी शिक्षा दे सकते हैं। बच्चों को बिना ट्यूशन के घर पर पढ़ाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य जरूर है, लेकिन आपको बताऊ ऐसा करने से आप मजेदार और अनुभव महसूस कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं आप कैसे कर सकते हैं बच्चों की मदद।
बच्चे के लिए एक अलग Time Table बनाएं
एक्सपर्ट्स के अनुसार, बच्चों की पढ़ाई को नियमित करने के लिए सबसे पहला काम टाइम टेबल बनाना। इसमें हर विषय के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें ताकि बच्चा यह जान सके कि उसे कब क्या पढ़ना है। Time Table में पढ़ाई के साथ-साथ ब्रेक और खेलकूद का भी समय रखें।
पढ़ाई के लिए बनाएं माहौल
घर पर पढ़ाई करने के लिए अच्छे माहौल की जरूरत होती है। बेहतर होगा कि आप बच्चों के लिए स्टडी स्पेस तैयार करें। वहां उनके लिए मेज, कुर्सी, रोशनी आदि की पूरी व्यवस्था रखें।
साप्ताहिक टेस्ट लें
जो भी बच्चा दिनभर में पढ़े, उसका रोज़ाना रिवीजन जरूर कराएं। इससे वह दिनभर में जो सीखा है, उसे याद रखेगा और समय के साथ उसे बेहतर तरीके से समझ पाएगा। बच्चों के लिए साप्ताहिक टेस्ट आयोजित करें ताकि वे अपनी प्रगति को माप सकें और कमजोर विषयों को पहचान सकें। इससे वे परीक्षा का भी अभ्यास कर पाएंगे और अपने ज्ञान को सुधार सकेंगे।
मोटिवेशन भी है जरूरी
बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने के लिए उनकी छोटी-छोटी उपलब्धियों की भी तारीफ करें। प्रोत्साहन से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित होते हैं।
समझने पर जोर दें, रटने पर नहीं
बता दें, बच्चों को रटने के बजाय समझने पर जोर दें। कोई भी विषय पढ़ाते समय यह सुनिश्चित करें कि बच्चे को Concepts समझ में आ रहा हैं। जब बच्चा किसी चीज़ को समझ लेगा, तो उसे याद रखने में भी आसानी होगी।
