नई दिल्ली:- मोबाइल फोन गुम होना आम बात है, लेकिन बिलासपुर के एक स्कूल संचालक के लिए यह घटना बड़े साइबर फ्रॉड का मामला बन गई। प्रयास पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष डॉ. सचिन यादव का मोबाइल गुम होने के बाद उनके स्कूल से जुड़े बैंक खाते से कथित तौर पर 1.12 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि घटना से पहले खाते में महज 181 रुपये थे। आशंका है कि साइबर ठगों ने खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया।
कोलकाता में गुम हुआ मोबाइल
जानकारी के अनुसार, राजकिशोर नगर निवासी डॉ. सचिन यादव 10 अगस्त को कोलकाता गए थे। इस दौरान न्यू मार्केट के धरमतला इलाके में उनका जियो सिम लगा मोबाइल फोन गुम हो गया। उन्होंने काफी तलाश की और बैंक खाते को फ्रीज कराने के साथ सिम बंद कराने की कोशिश भी की। हालांकि, आईडी प्रूफ उपलब्ध नहीं होने के कारण सिम तत्काल बंद नहीं
पहले 800 रुपये का ट्रांजेक्शन, फिर 1.12 करोड़ का लेनदेन
डॉ. यादव ने 16 अगस्त को अपना पुराना मोबाइल नंबर दोबारा जारी कराया। अगले दिन ईमेल चेक करने पर उन्हें खाते से हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। बताया गया कि ठगों ने 14 अगस्त को पहले 800 रुपये का ट्रायल ट्रांजेक्शन किया। इसके बाद एक ही दिन में करीब 1.12 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ और रकम 100 से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
खाते में थे सिर्फ 181 रुपये
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब स्कूल के खाते में घटना से पहले केवल 181 रुपये थे, तो इतनी बड़ी रकम का लेनदेन कैसे हुआ? डॉ. यादव के मुताबिक, घटना के बाद खाते में सिर्फ 29 रुपये बचे थे। आशंका जताई जा रही है कि साइबर ठगों ने खाते का इस्तेमाल अपनी ठगी की रकम को आगे भेजने के लिए किया।
म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी की आशंका
साइबर अपराध की भाषा में ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में पहुंचाने के लिए किया जाता है। हालांकि, इस मामले में खाते का इस्तेमाल किस तरह हुआ और लेनदेन कैसे संभव हुआ, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कोलकाता पुलिस को भेजी गई केस डायरी
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर में जीरो पर अपराध दर्ज कर केस डायरी कोलकाता के न्यू मार्केट थाने भेज दी गई है। अब संबंधित बैंक खातों और संदिग्ध लेनदेन की जांच के जरिए साइबर ठगी से जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
यह मामला मोबाइल गुम होने के बाद सिम और बैंक खाते की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताता है। मोबाइल खोने पर तुरंत दूरसंचार कंपनी से सिम बंद कराने, बैंक को सूचना देने और संदिग्ध लेनदेन की शिकायत दर्ज कराने जैसे कदम उठाना महत्वपूर्ण है।
