छत्तीसगढ़ :– कांकेर जिले में पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। अंतागढ़ विकासखंड के 27 सरपंचों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया है। सरपंच पिछले तीन दिनों से विकास कार्यों की मंजूरी और फंड जारी करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, सरपंचों ने 20 मई को अपर कलेक्टर अंजोर सिंह पैकरा को अपना इस्तीफा सौंपा। हालांकि सरपंच संघ का दावा है कि 50 से अधिक सरपंचों ने इस्तीफा दिया है, लेकिन प्रशासन ने फिलहाल 27 इस्तीफों की पुष्टि की है।
“एक साल से नहीं मिली किसी काम की मंजूरी”
इस्तीफा देने वाले सरपंचों का आरोप है कि पिछले एक साल से ग्राम पंचायतों में कोई नया विकास कार्य स्वीकृत नहीं किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि ग्रामीण लगातार उनसे विकास कार्यों का हिसाब मांगते हैं, लेकिन फंड और प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिलने की वजह से वे कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। सरपंचों के अनुसार, बिना बजट और स्वीकृति के पंचायत संचालन करना बेहद कठिन हो गया है। यही कारण है कि उन्होंने सामूहिक इस्तीफे का फैसला लिया।
पहले भी हो चुका है आंदोलन
सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया हो। पिछले वर्ष भी सरपंच संघ ने प्रदर्शन किया था। उस समय जिला प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर लंबित विकास कार्यों को मंजूरी देने का आश्वासन दिया था। सरपंचों का आरोप है कि एक साल बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और जमीनी स्तर पर विकास कार्य शुरू नहीं हो सके। इससे नाराज होकर उन्होंने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
प्रशासन ने दावों को बताया अस्पष्ट
वहीं जिला पंचायत प्रशासन ने सरपंचों के आरोपों को पूरी तरह सही नहीं माना है। जिला पंचायत सीईओ का कहना है कि सभी ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। जिन पंचायतों में अतिरिक्त कार्यों की आवश्यकता है, वहां के सरपंच सीधे प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन का यह भी कहना है कि सरपंच संघ की मांगें स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई हैं।
कलेक्टर बोले- मांगों पर किया जा रहा विचार
इस पूरे मामले पर कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि सामूहिक इस्तीफे की कोई वैधानिक मान्यता नहीं होती। हालांकि सरपंचों की मांगों पर विचार किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि पंचायत क्षेत्रों में विभिन्न विभागों द्वारा चल रहे विकास कार्यों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
पंचायत राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
27 सरपंचों के सामूहिक इस्तीफे के बाद कांकेर जिले की पंचायत राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यदि प्रशासन और सरपंच संघ के बीच सहमति नहीं बनती, तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
