नई दिल्ली:– महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों के लिए e-KYC पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया था। e-KYC प्रक्रिया को पूरा किए बिना महिलाओं के बैंक खातों में धनराशि जमा नहीं की जाएगी। इसकी समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है। राज्य में लाखों महिलाएं अपनी e-KYC नहीं कराई। इसके बाद इन महिलाओं को योजना का लाभ मिलना बंद हाे गया है।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक खबर सामने आई कि जिन महिलाओं को अपनी KYC पूरी करने का प्रयास करते समय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था, उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालयों में अपने दस्तावेज जमा करना होगा। इसके बाद, कई महिलाएं अपने दस्तावेज लेकर कार्यालयों में पहुंचने लगे। सरकार की ओर से ब इस मामले पर एक स्पष्टीकरण जारी किया है।
e-KYC को लेकर सरकार ने क्या कहा?
बता दें कि लाडकी बहिन योजना की ईकेवाईसी करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल थी। इसके बाद कई महिलाओं को यह गलतफहमी थी कि लाडकी बहिन योजना के तहत जिन लोगों ने अपनी e-KYC की औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं, वे भी अपने दस्तावेज जमा करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालयों में जा सकेंगी। हालाकि, सरकार की ओर से अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि इस संबंध में कोई भी निर्देश जारी नहीं किया गया है।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है, जिसमें लाडकी बहिन योजना के तहत अपना ई-केवाईसी पूरा न कर पाने वाली महिलाओं को अपने दस्तावेज जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जमा करने को कहा गया हो।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने की अफवाहों से बचने की अपील
महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि सरकार ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है। इन तथ्यों को देखते हुए, महिला एवं बाल विकास विभाग आम जनता से अपील करता है कि वे ऐसी भ्रामक रिपोर्टों पर विश्वास न करें।
30 अप्रैल थी e-KYC की अंतिम तिथि
बता दें कि 1 अप्रैल को महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने बताया था कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत लाभान्वित होने वाली महिलाओं को राहत देते हुए e-KYC सुधार की समय सीमा को 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया गया था। यह समय सीमा खत्म होने के बाद अपात्र लाभार्थियों का योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
